पवन मल्होत्रा (Pavan Malhotra) भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के एक अभिनेता हैं. उनका जन्म 2 जुलाई 1958 को दिल्ली में हुआ था. उन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ पंजाबी और कुछ तेलुगु फिल्मों में भी काम किया है. इसके अलावा वे कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों और वेब सीरीज का हिस्सा भी रह चुके हैं.
पवन मल्होत्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से कला विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. फिल्मी दुनिया में उनका शुरुआती सफर पर्दे के पीछे से शुरू हुआ. उन्होंने फिल्म गांधी में कॉस्ट्यूम विभाग में सहायक के रूप में काम किया. इसके बाद वे 'जाने भी दो यारो', 'खामोश और मोहन जोशी हाजिर हो!' जैसी फिल्मों में प्रोडक्शन असिस्टेंट रहे. बाद में उन्होंने दिल्ली के थिएटर से जुड़कर अभिनय की ओर कदम बढ़ाया और फिर मुंबई का रुख किया.
टेलीविजन में उन्होंने शुरुआत 'ये जो है जिंदगी' के सेट पर सहायक के रूप में की. इसके बाद दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक नुक्कड़ में अभिनय का मौका मिला, जिससे उन्हें पहचान मिली. फिल्मों में उन्होंने वर्ष 1984 में 'अब आएगा मजा' से अभिनय की शुरुआत की.
साल 1989 में रिलीज हुई 'बाग बहादुर' और 'सलीम लंगड़े पे मत रो' में उन्होंने मुख्य भूमिकाएं निभाईं. इसके बाद वे तेलुगु फिल्म 'ऐथे' में इरफान खान और फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में टाइगर मेमन के किरदार में नजर आए. वर्ष 2005 में उन्होंने तेलुगु फिल्म 'अनुकोकुंडा ओका रोजू' में तांत्रिक की भूमिका निभाई.
पवन मल्होत्रा ने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है.। इनमें 'जब वी मेट', 'भाग मिल्खा भाग', 'पंजाब 1984', 'चिल्ड्रेन ऑफ वॉर', 'ऐसा देस है मेरा' और 'लागी तुझसे लगन' शामिल हैं. वे 'ग्रहण' वेब सीरीज में भी अहम भूमिका में दिखाई दिए, जो सत्य व्यास के उपन्यास 'चौरासी' पर आधारित थी. इसके अलावा वर्ष 2021 में रिलीज हुई वेब सीरीज 'तब्बर' में भी उन्होंने काम किया.
पवन मल्होत्रा को फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड, फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं. वर्ष 2023 की हरियाणवी फिल्म 'फौजा' के लिए उन्हें 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला.
70वें नेशनल अवार्ड्स के विजेताओं का ऐलान हो चुका है. इस बार एक्टर पवन मल्होत्रा ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है. हरियाणवी फिल्म 'फौजा' में अपने काम के लिए पवन ने इस अवॉर्ड को जीता है. उन्होंने एक इंटरव्यू में खुद को कभी अपने काम के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलने को लेकर बात की थी.