नागराकाटा (Nagrakata) पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार उपखंड में स्थित एक गांव है. यह नागराकाटा सामुदायिक विकास (सीडी) ब्लॉक का मुख्य क्षेत्र माना जाता है. दुआर्स क्षेत्र में स्थित यह गांव प्रशासनिक, परिवहन और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों से जुड़ा हुआ है.
नागराकाटा का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण है, जहां बड़ी संख्या में लोग कृषि, चाय बागानों और छोटे व्यवसायों से जुड़े हैं. दुआर्स और तराई क्षेत्र भारत के प्रमुख चाय उत्पादक इलाकों में शामिल हैं और नागराकाटा के आसपास भी कई चाय बागान स्थित हैं.
परिवहन के लिहाज से नागराकाटा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. राष्ट्रीय राजमार्ग-17 (NH-17) इस क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, अलीपुरद्वार और उत्तर बंगाल के अन्य शहरों तक सड़क मार्ग से पहुंचना आसान होता है. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-31सी (पुराना नाम) भी इसी क्षेत्र से जुड़ा रहा है, जिसे बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-17 का हिस्सा बनाया गया.
नागराकाटा रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी-अलीपुरद्वार-समुक्तला रोड रेल लाइन पर स्थित है. यह स्टेशन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (Northeast Frontier Railway) के अलीपुरद्वार मंडल के अंतर्गत आता है और स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण रेल संपर्क उपलब्ध कराता है.
नागराकाटा के आसपास का इलाका दुआर्स क्षेत्र का हिस्सा है. इस क्षेत्र में गोरूमारा राष्ट्रीय उद्यान और जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान स्थित हैं, जिनका प्रशासनिक और भौगोलिक संबंध आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है. यहां बंगाली, हिंदी, नेपाली, राजबंशी और अन्य स्थानीय भाषाएं बोली जाती हैं.