लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ नेता हैं. वह 2002 से 2004 तक भारत के 7वें उप प्रधान मंत्री रहें हैं. वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सह-संस्थापकों में से एक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सदस्य हैं. लालकृष्ण आडवाणी 1998 से 2004 तक सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री रहे. वह लोकसभा में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले विपक्ष के नेता भी हैं. अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में उन्होंने एक अग्रणी नेता की भूमिका निभाई थी. आडवाणी ने अपनी पहली राम रथ यात्रा (Ram Rath Yatra) 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से शुरू की जो अयोध्या में समाप्त हुई. इस यात्रा से उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को लोगों तक पहुंचाया. पद्म विभूषण से सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी 22 जनवरी 2024 को हो रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे (Ayodhya Ram Mandir).
अपने राजनीतिक करियर के दौरान लालकृष्ण आडवाणी को कई महत्वपूर्ण पद संभालने का मौका मिला. 1941 में चौदह साल की उम्र में वह आरएसएस में शामिल हुए और राजस्थान प्रचारक के रूप में काम किया. 1951 में, आडवाणी श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ के सदस्य बने और संसदीय मामलों के प्रभारी, महासचिव और दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सहित विभिन्न भूमिकाएं निभाईं. 1980 में, वह अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और तीन बार पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. वह 1989 में वह पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए.
आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था और भारत के विभाजन के दौरान वे भारत चले आए और मुंबई में बस गए जहां उन्होंने अपनी कॉलेज की शिक्षा पूरी की. वह एक सिंधी हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं. फरवरी 1965 में आडवाणी ने कमला आडवाणी से शादी की और उनका एक बेटा जयंत और एक बेटी प्रतिभा है.
दिल्ली SIR के तहत नोटिस पाने वाले कई प्रमुख मतदाताओं के विवरण का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा हो गया है. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, लालकृष्ण आडवाणी, जगदीप धनखड़, एस जयशंकर, रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं.
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत कई दिग्गजों के नाम गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए हैं. इसमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, चुनाव आयुक्त एसएस संधू सहित कई अन्य शामिल हैं.
जम्मू कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने वंधामा नरसंहार, टीका टपलू हत्याकांड और जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या के मामले में जांच फिर से शुरू कर दी है.
संसद के पुराने भवन यानी संविधान सदन में नितिन नवीन को कमरा नंबर-4 आवंटित किया गया है. ये वही कमरा है, जहां कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी की नेमप्लेट लगा करती थी. भाजपा के इतिहास से जुड़ा यह कमरा अब नितिन नवीन का नया ठिकाना होगा.
भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर किया. बीजेपी के 45 साल के सियासी इतिहास में सबसे पहले पार्टी की कमान अटल बिहारी वाजपेयी ने संभाली, तब से लेकर नितिन नबीन तक जानिए कौन-कौन अध्यक्ष बना और उनकी उम्र क्या रही...
बीजेपी का गठन 1980 में हुआ. इस तरह 45 साल के इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लालकृष्ण आडवाणी और अमित शाह सहित 11 नेता बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं और 12वें अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन ने नामांकन दाखिल कर दिया. अब नितिन नबीन सबसे युवा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी फोटो शेयर की है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर साझा करके लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिख रहे हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया था, जिसने खबरों में तूल पकड़ लिया। इस पोस्ट के कारण दिग्विजय सिंह चर्चा में आ गए और राजनीतिक मंच पर हलचल मच गई। यह तस्वीर राजनीतिक सफर और नेतागणों के बीच के रिश्तों की एक झलक पेश करती है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल से जुड़े कई अनकहे किस्से और राजनीतिक फैसलों का खुलासा उनकी मीडिया टीम का हिस्सा रहे अशोक टंडन की किताब में किया गया है. इसमें बताया गया है कि एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से पहले राष्ट्रपति पद के लिए वाजपेयी का नाम आगे बढ़ाया गया था.
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को पदभार संभालते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी और जेपी नड्डा से मुलाकात कर मार्गदर्शन प्राप्त किया. पार्टी मुख्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया, जहां विभिन्न राज्यों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक दिन रहा, जब नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. लेकिन असली आकर्षण मंच पर दिखी मोदी–नीतीश की नई बॉन्डिंग रही, जिसने 2010 की पुरानी तल्खी को पीछे छोड़ने का संदेश दिया.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर बधाई देते हुए उनको नेहरू और इंदिरा गांधी जैसा बताया है. कांग्रेस ने शशि थरूर के बयान से दूरी बना ली है - सवाल ये है कि बीजेपी को शशि थरूर की राय कैसी लगी है?
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. कई बार उनके बयान खुद उनकी पार्टी कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर देते हैं.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा था कि उनका लोकसेवा के प्रति समर्पण, विनम्रता, ईमानदारी और आधुनिक भारत को आकार देने में भूमिका अमिट है.
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी आज 98 वर्ष के हो गए हैं. इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके आवास पर जाकर व्यक्तिगत रूप से उन्हें जन्मदिन की बधाई दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आडवाणी को 'महान दृष्टिकोण और तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता वाले राजनेता' बताया और कहा कि 'उनका जीवन भारत की प्रगति को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा है'.
अपने कॉन्सर्ट के बाद सोनू एक खास इंसान से मिलने पहुंचे जहां उन्हें अपनी पसंद का खाना खाने का मौका मिला. सिंगर भारत के पूर्व गृह मंत्री रहे लाल कृष्ण आडवाणी के घर पहुंचे.
लालू यादव ने प्रयागराज महाकुंभ पर अपनी जो राय दी है, वो यूं ही नहीं लगती. वो उनका राजनीतिक बयान है. और, साल के आखिर में होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनावों के हिसाब से भी महत्वपूर्ण हो जाता है.
LK Advani Health Update: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. 12 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
लालकृष्ण आडवाणी भाजपा की स्थापना (6 अप्रैल, 1980) के बाद से सबसे लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले नेता रहे हैं. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2005 तक भारत के गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. इस साल 30 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
देश के पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो में एडमिट कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है. अस्पताल ने उनका ताजा हेल्थ अपडेट जारी किया है, जिसमें उनकी हालत स्थिर बताई है.
लालकृष्ण आडवाणी को इस साल जुलाई महीने में भी अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था. उसके एक महीने पहले, 26 जून की रात 10:30 बजे उन्हें दिल्ली एम्स के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. वह अगले दिन डिस्चार्ज हो गए थे.