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कोनेरू हम्पी

कोनेरू हम्पी

कोनेरू हम्पी

कोनेरू हम्पी (Koneru Humpy) भारत की एक प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी (ग्रैंडमास्टर) हैं. वह महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में उपविजेता रह चुकी हैं और दो बार (2019 और 2024) की मौजूदा महिला वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियन हैं.

साल 2002 में, उन्होंने सिर्फ 15 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया. वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला और उस समय दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी थीं. बाद में यह रिकॉर्ड Hou Yifan ने तोड़ा. हम्पी ने ओलंपियाड, एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी जीते हैं. 2007 में उन्होंने 2600 Elo रेटिंग पार की और ऐसा करने वाली दूसरी महिला बनीं (पहली थीं Judit Polgár).

हम्पी का जन्म आंध्र प्रदेश के गुडीवाड़ा में एक तेलुगु परिवार में हुआ. उनके पिता कोनेरू अशोक और मां कोनेरू लता हैं. उनका असली नाम “हंपी” था, जिसे बाद में बदलकर “हम्पी” कर दिया गया. उनके पिता ने बचपन में ही उनकी प्रतिभा पहचान ली और उन्हें शतरंज सिखाना शुरू किया. सिर्फ 6 साल की उम्र में ही उन्होंने स्थानीय प्रतियोगिताएं जीतनी शुरू कर दीं. 1997 में उन्होंने फ्रांस में वर्ल्ड अंडर-10 गर्ल्स चैंपियनशिप जीत ली.

2014 में उन्होंने दासरी अन्वेश से शादी की. 2017 में उनकी एक बेटी हुई. 2016 से वह ONGC में भी काम कर रही हैं. हम्पी ने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में 3 गोल्ड मेडल, 2001 में वर्ल्ड जूनियर गर्ल्स चैंपियन, 2002 में ग्रैंडमास्टर बनीं (पहली भारतीय महिला), 2003 में एशियन महिला चैंपियन, और 2005 में नॉर्थ यूराल्स कप जीता शामिल है.

उन्होंने कई बार महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और 2004, 2008 और 2010 में सेमीफाइनल तक पहुंचीं. 2011 में उन्होंने FIDE ग्रां प्री में अच्छा प्रदर्शन कर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया, जहां वह उपविजेता रहीं. 

2019 में, मां बनने के बाद ब्रेक से लौटकर उन्होंने महिला वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप जीत ली, यह उनकी शानदार वापसी मानी जाती है. 2020 में उन्हें BBC इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला. 2022 में भारत की टीम के साथ उन्होंने चेस ओलंपियाड में ब्रॉन्ज मेडल जीता. 2024 में उन्होंने फिर से वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया. 2025 में वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचीं, लेकिन टाईब्रेक में हारकर उपविजेता रहीं. 2026 में उन्होंने सुरक्षा कारणों से वुमेन्स कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया.

हम्पी को कई बड़े सम्मान मिले हैं जिनमें अर्जुन अवॉर्ड (2003), पद्मश्री (2007), और BBC स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर शामिल है.

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