गेमिंग (Gaming) का मतलब मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या गेमिंग कंसोल जैसे उपकरणों पर वीडियो गेम खेलना होता है. समय के साथ गेमिंग सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा डिजिटल उद्योग बन चुकी है. आज दुनिया भर में करोड़ों लोग अलग-अलग तरह के गेम खेलते हैं. बच्चों से लेकर युवा और वयस्क तक अपनी पसंद के अनुसार गेम चुनते हैं.
गेमिंग की शुरुआत साधारण आर्केड गेम और कंप्यूटर गेम से हुई थी. इसके बाद इंटरनेट और स्मार्टफोन के आने से ऑनलाइन गेमिंग का चलन तेजी से बढ़ा. अब खिलाड़ी दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठे लोगों के साथ इंटरनेट के जरिए गेम खेल सकते हैं. कई गेम सिंगल प्लेयर होते हैं, जबकि कुछ में एक साथ कई खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.
आज गेमिंग कई प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. मोबाइल गेमिंग सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, क्योंकि स्मार्टफोन आसानी से उपलब्ध हैं. इसके अलावा कंप्यूटर, लैपटॉप और गेमिंग कंसोल पर भी अलग-अलग तरह के गेम खेले जाते हैं. कई गेम मुफ्त में उपलब्ध होते हैं, जबकि कुछ को खरीदना पड़ता है या उनके लिए सदस्यता लेनी होती है.
गेमिंग की दुनिया में अलग-अलग श्रेणियों के गेम मौजूद हैं. इनमें एक्शन, एडवेंचर, रेसिंग, स्पोर्ट्स, स्ट्रैटेजी, पजल, रोल-प्लेइंग, सिमुलेशन और बैटल रॉयल जैसे गेम शामिल हैं. हर श्रेणी के गेम का खेलने का तरीका और उद्देश्य अलग होता है.
भारत में भी गेमिंग का बाजार लगातार बढ़ रहा है. बेहतर इंटरनेट, किफायती स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के विस्तार ने इस क्षेत्र को नई गति दी है. गेमिंग से जुड़े नए गेम, तकनीक और प्रतियोगिताएं समय-समय पर लॉन्च होती रहती हैं, जिससे यह क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है.
दिल्ली-NCR के शहर फरीदाबाद से दिल दहला देने वाला केस सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में एक स्टूडेंट ने खुद को गोली मार ली और उसकी मौत हो गई. बताने जा रहे हैं कि ऑनलाइन गेमिंग की लत को कैसे पहचाने और उसको कैसे दूर करें.