ईस्ट सियांग (East Siang) भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान के लिए जाना जाता है. इस जिले का मुख्यालय पासीघाट (Pasighat) है, जो अरुणाचल प्रदेश का सबसे पुराना नगर भी माना जाता है.
ईस्ट सियांग जिला ब्रह्मपुत्र नदी की एक शाखा 'सियांग' के किनारे स्थित है, जो तिब्बत में 'यारलुंग त्सांगपो' के नाम से जानी जाती है. यह क्षेत्र हरे-भरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और गहरी घाटियों से घिरा हुआ है. यहां की जलवायु सामान्यतः आर्द्र-उष्णकटिबंधीय है, जो कृषि के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
इस जिले में मुख्य रूप से 'आदि जनजाति' के लोग निवास करते हैं. आदि समुदाय की कई उप-जनजातियां हैं जैसे मिन्योंग, पादम, पासी आदि. ये लोग पारंपरिक वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी संस्कृति को जीवित रखते हैं. सोलुंग, अरन, और मोपिन जैसे त्यौहार यहां के प्रमुख पारंपरिक उत्सव हैं.
ईस्ट सियांग जिले की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है. धान, मक्का, अदरक, बांस और संतरे जैसे उत्पाद यहां प्रमुखता से उगाए जाते हैं. इसके अलावा हस्तशिल्प और बांस से बनी वस्तुएं भी स्थानीय लोगों के लिए आय का स्रोत हैं. पर्यटन भी यहां के लोगों के लिए एक उभरता हुआ क्षेत्र है.
पासीघाट में कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, और नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (NEFTU) शामिल हैं. स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संपर्क में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. सियांग नदी पर प्रस्तावित बांध और पनबिजली परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दे सकती हैं.
ईस्ट सियांग में कई प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल हैं जिनमें डेयिंग एरिंग वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी, पासीघाट व्यू पॉइंट, सियांग नदी राफ्टिंग शामिल है.