BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है. यह ऐप ब्लूटूथ सपोर्ट वाले स्मार्ट लिथियम बैटरी सिस्टम की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है. इसकी मदद से यूजर अपने मोबाइल फोन के जरिए बैटरी से जुड़ी कई जानकारियां देख सकता है और कुछ सेटिंग्स को नियंत्रित भी कर सकता है (BAT-BMS App).
यह ऐप मुख्य रूप से उन बैटरियों के साथ काम करता है जिनमें Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक मौजूद होती है. ऐप और बैटरी के बीच ब्लूटूथ के जरिए कनेक्शन स्थापित होता है. कंपनी के अनुसार, यह कनेक्शन सामान्यतः लगभग 15 मीटर की दूरी तक काम करता है, हालांकि वास्तविक दूरी आसपास के वातावरण और बाधाओं पर निर्भर कर सकती है.
BAT-BMS ऐप का उपयोग आमतौर पर गोल्फ कार्ट, आरवी (Recreational Vehicle), सोलर पावर सिस्टम और स्मार्ट लिथियम बैटरी से चलने वाले अन्य उपकरणों में किया जाता है. ऐप के जरिए यूजर बैटरी का स्टेट ऑफ चार्ज (SOC), वोल्टेज, तापमान, चार्ज और डिस्चार्ज करंट, बैटरी के चार्जिंग साइकिल और प्रत्येक सेल की स्थिति जैसी जानकारी देख सकता है. यदि बैटरी का हार्डवेयर सपोर्ट करता है, तो चार्जिंग और डिस्चार्जिंग से जुड़े कुछ कंट्रोल भी ऐप के माध्यम से संचालित किए जा सकते हैं.
हाल के दिनों में BAT-BMS ऐप सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. कई पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि कुछ लोग इस ऐप का इस्तेमाल ब्लूटूथ के जरिए पास से गुजरने वाले ई-रिक्शा या हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों की स्मार्ट बैटरियों से कनेक्ट होकर उन्हें बंद करने की कोशिश कर रहे हैं. इन दावों के कारण ऐप को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा हुई.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसा तभी संभव हो सकता है जब संबंधित बैटरी में ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद हो, ऐप उस बैटरी के साथ संगत हो और बैटरी की सुरक्षा सेटिंग्स या एक्सेस नियंत्रण इसकी अनुमति दें. इसलिए सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी दावों को हर स्थिति में सही मान लेना उचित नहीं है.
ई-रिक्शा को रिमोटली डिसेबल करने वाले ऐप्स को सरकार ने ब्लॉक कर दिया है. इन ऐप्स को हटाने का आदेश सरकार ने जारी किया है. पिछले कुछ दिनों से इन ऐप्स को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. दावा किया जा रहा है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा को डिसेबल करने के लिए किया जा रहा है.
मध्य प्रदेश के उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर ठगी करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद कर देते थे और फिर खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताकर उसे चालू करने के नाम पर चालकों से पैसे वसूलते थे.
BAT-BMS नाम के इस ऐप को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसकी मदद से ब्लूटूथ के जरिए सड़क पर चल रहे इलेक्ट्रिक रिक्शा (E-rickshaw) की बैटरी लॉक कर उसे बंद किया जा सकता है. इस ऐप के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. बिजनौर में भी रिक्शा चालकों ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.
BAT BMS App इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. सोशल मीडिया पर इस ऐप से जुड़े वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. इस ऐप के जरिए लोग ई-रिक्शा को बीच सड़क बंद करने का दावा कर रहे हैं. अगर आप भी किसी ई-रिक्शा को बंद करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सावधान हो जाना चाहिए. ऐसा करना आपको मुसीबत में डाल सकता है.