अपोलो टायर्स लिमिटेड (Apollo Tyres Ltd.) भारत की प्रमुख टायर्स निर्माता कंपनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी. कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाई है. आज Apollo Tyres दुनिया भर में गुणवत्ता, सुरक्षा और नवाचार के लिए जाना जाता है. इसका मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित है.
अपोलो टायर्स की शुरुआत भारत के पंजाब राज्य के कालका में हुई थी. अपनी शुरुआत में कंपनी ने भारतीय बाजार में गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ टायर्स उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया. धीरे-धीरे अपोलो टायर्स ने देश-विदेश में अपनी पकड़ मजबूत की और आज यह यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और अमेरिका में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है.
अपोलो टायर्स ने शुरुआत में भारतीय बाजार को टार्गेट किया था, लेकिन समय के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में भी कदम बढ़ाया. कंपनी ने यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है.
कार के टायर में नाइट्रोजन भरवाना कितना फायदेमंद है? जानिए नाइट्रोजन और रेगुलर एयर में फर्क, टायर प्रेशर, माइलेज और ड्राइविंग पर इसका क्या असर पड़ता है. अगर आप हाईवे पर लंबी दूरी तय करते हैं या तेज स्पीड में ड्राइविंग करते हैं, तो नाइट्रोजन फायदेमंद हो सकती है. लेकिन रोजमर्रा की शहर वाली ड्राइविंग के लिए रेगुलर एयर भी पर्याप्त मानी जाती है.
कुवैत में स्थित Kuwait Tire Graveyard दुनिया के सबसे बड़े टायर डंप में से एक है, जहां करोड़ों बेकार टायर जमा हैं. ये जगह सैटेलाइट से काले पैटर्न जैसी दिखती है और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है. सरकार अब इन्हें रीसायकल करने की दिशा में काम कर रही है.
भारत की नई वनडे जर्सी का पर्थ में अनावरण किया गया, जिसमें अब अपोलो टायर्स का लोगो मुख्य रूप से दिखाई देता है, जिसने ड्रीम11 की जगह ली है. भारत 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैच खेलेगा, जिसमें कोहली और रोहित की वापसी उत्साह का बड़ा कारण है.
Apollo Tyres अब भारतीय क्रिकेट टीम का नया जर्सी स्पॉन्सर बन गया है. BCCI ने Dream11 के साथ चल रही डील को रद्द कर दिया था, क्योंकि बेटिंग ऐप्स पर बैन लगा दिया गया था. इसके बाद Apollo Tyres ने स्पॉन्सरशिप के लिए बोली लगाकर जीत हासिल की. Apollo Tyres का ये करार 2027 तक चलेगा.
भारतीय क्रिकेट टीम का नया जर्सी स्पॉन्सर चुन लिया गया है. Dream11 के बाहर होने के बाद अपोलो टायर्स ने बाजी मारते हुए बीसीसीआई को हर मैच के लिए 4.5 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया. यह करार 2027 तक चलेगा और करीब 130 मैचों को कवर करेगा.