दुनिया में तीन तरह की ऊर्जा काम करती है. यह ऊर्जा हमारी सोच, व्यवहार, आदत और शब्दों से बनती है. हमारे अपने शरीर और घर में आम तौर पर सकारात्मक ऊर्जा होती है. जब किसी के सोच, स्वभाव और सम्पर्क से हमारे ऊपर नकारात्मक असर पड़ जाता है तो इसे हम नज़र लगना कहते हैं. नज़र लगने से हमारे स्वास्थ्य , सोच और प्रगति पर कुछ क्षण के लिए रुकावट आ जाती है. यह रुकावट काफी तेज होती है और एकदम से बिना कारण सब रोक देती है. इस पर देखें चाल चक्र.
दुनिया में तीन तरह की ऊर्जा काम करती है. यह ऊर्जा हमारी सोच, व्यवहार, आदत और शब्दों से बनती है. हमारे अपने शरीर और घर में आम तौर पर सकारात्मक ऊर्जा होती है. जब किसी के सोच, स्वभाव और सम्पर्क से हमारे ऊपर नकारात्मक असर पड़ जाता है तो इसे हम नज़र लगना कहते हैं. नज़र लगने से हमारे स्वास्थ्य , सोच और प्रगति पर कुछ क्षण के लिए रुकावट आ जाती है. यह रुकावट काफी तेज होती है और एकदम से बिना कारण सब रोक देती है. इस पर देखें चाल चक्र.