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चाल चक्र

कौन से होते हैं पाप ग्रह? देवी की कृपा से ऐसे करें उनको शांत

16 अप्रैल 2021

आज चाल चक्र में बात करेंगे पाप ग्रहों की बाधा के बारे में. ज्योतिष में मुख्य रूप से तीन पाप ग्रह हैं - शनि , राहु और केतु. ये तीन ग्रह हमारे जीवन में नेगेटिव प्रभाव पैदा करते हैं. ये ग्रह और इनका प्रभाव कहीं न कहीं हमारे अंदर छुपा हुआ होता है, जो समय पड़ने पर बाहर आ जाता है. इसलिए हमेशा ही इन पाप ग्रहों को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कैसे नवरात्रि में देवी करेंगी पाप ग्रहों की बाधा का नाश. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

दुर्गा सप्तशती के पाठ से पूरी होंगे मनोकामनाएं, जानें इसकी खास बातें

15 अप्रैल 2021

आज नवरात्री का तीसरा दिन है, ऐसा माना जाता है कि वेदों की भाँति दुर्गा सप्तशती भी अनादि है. मार्कण्डेय पुराण के माध्यम से दुर्गा सप्तशती जन सामान्य तक पंहुची है. देवी की उपासना के लिए यह सर्वश्रेष्ठ ग्रन्थ माना जाता है. इसमें देवी की उपासना के सात सौ श्लोक दिए गए हैं. ये सात सौ श्लोक तीन भागों में बांटे गए हैं. प्रथम चरित्र, मध्यम चरित्र और उत्तम चरित्र. प्रथम चरित्र में केवल पहला अध्याय, मध्यम चरित्र में दूसरा, तीसरा व चौथा अध्याय तथा शेष सभी अध्याय उत्तम चरित्र में रखे गये हैं. इन सात सौ श्लोकों में मारण, मोहन, उच्चाटन के और स्तम्भन, तथा वशीकरण और विद्वेषण के श्लोक दिए गए हैं. इस पर देखें चाल चक्र.

दुर्गा सप्तशती के कौन से अध्याय से होगा लाभ? देखें चाल चक्र

14 अप्रैल 2021

आज नवरात्री का दूसरा दिन है. इस समय वैसे तो सम्पूर्ण सप्तशती का पाठ लाभकारी है परन्तु इसमें भी "बारहवें अध्याय" का पाठ विशेष लाभकारी है. इसके पाठ से रोगों से छुटकारा मिलता है. साथ ही नाम यश और सम्मान की प्राप्ति होती है. अगर आप सप्तशती का पाठ न कर पायें तो "देवी कवच" का पाठ करें या आप निम्न मन्त्र का नियमित रूप से जप करें. रोगानशेषानपहंसि तुष्टा, रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्. त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां, त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति. इस पर देखें चाल चक्र.

नौ दिन बरसेंगे नौ वरदान, जानें क्या है नवरात्रि का महत्व

13 अप्रैल 2021

नवरात्रि वर्ष में चार बार पड़ती है. माघ,चैत्र,आषाढ़ और आश्विन. नवरात्रि से वातावरण के तमस का अंत होता है और सात्विकता की शुरुआत होती है. मन में उल्लास, उमंग और उत्साह की वृद्धि होती है. दुनिया में सारी शक्ति, नारी या स्त्री स्वरुप के पास ही है, इसलिए इसमें देवी की उपासना ही की जाती है. नवरात्रि में देवी की उपासना से हर दिन एक विशेष वरदान मिल सकता है परन्तु इसके लिए पूर्ण सात्विकता रखनी होगी और आहार पर ध्यान देना होगा. नवरात्रि में रात्रि की पूजा ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. इस पर देखें चाल चक्र.

हिंदू नववर्ष का क्या है ज्योतिषीय महत्व, शुभ फल के लिए क्या करें?

12 अप्रैल 2021

इस स्पेशल एपिसोड में ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडे बताएंगे कि हिंदू नववर्ष की विशेषता क्या है. दरअसल हिन्दू धर्म में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत की शुरुआत होती है. इसका आरम्भ विक्रमादित्य ने किया था. अतः इसको विक्रम संवत भी कहा जाता है. इस दिन से वासंतिक नवरात्र की शुरुआत भी होती है. इसी दिन से सूर्य , भचक्र की पहली राशि मेष में प्रवेश करता है. इस दौरान शैलेंद्र पांडे यह भी बताएंगे कि इसका ज्योतिषीय महत्व क्या है साथ ही इस दिन शुभ फल पाने के लिए क्या उपाय करें. देखें वीडियो.

चाल-चक्र: इन तीन चीजों से रहे दूर, बर्बाद कर सकती है आपका जीवन

11 अप्रैल 2021

आपका भाग्य केवल आपके ऊपर निर्भर नहीं करता. यह आपकी संगति, आपके विचार और व्यवहार पर निर्भर करता है. इस खास एपिसोड में अचार्य शैलेंद्र पांडे बताएंगे कि कि गलत संगति और नाकारात्मक विचार और धोखा देने का व्यवहार किस तरह आपका जीवन बर्बाद कर सकते हैं. यह सब बुराइयां आपके नजदीक न पहुंचे इसके लिए भी वह कई उपाय बताएंगे. साथ ही वह एसिडिटी की समस्या से निजात पाने के लिए घरेलू उपाय भी बताएंगे. देखें वीडियो.

गुस्से में बिगड़ न जाएं बनते काम, जानें क्या हैं क्रोध का ज्योतिषीय कनेक्शन

10 अप्रैल 2021

चन्द्रमा मन का कारण होता है और इसकी स्थिति देखकर मन को जान सकते हैं. चन्द्रमा कमजोर हो तो मन और वाणी पर नियंत्रण नहीं रहता. अगर इसमें अग्नि तत्त्व के ग्रह जैसे मंगल या सूर्य आ जाएं तो व्यक्ति क्रोधी होता है. मंगल अगर नीच राशी का हो या अग्नि तत्त्व की राशी का हो तो व्यक्ति बहुत क्रोधी होता है. जिनका जन्म दोपहर का हो ऐसे लोगों को भी काफी क्रोध आता है. मेष,वृष,मिथुन,सिंह,धनु,और कुम्भ राशी वालों को आम तौर पर ज्यादा क्रोध आता है.

वैवाहिक जीवन पर असर डालता है हीरा, जानें इसके ज्योतिषिय महत्व

09 अप्रैल 2021

हीरा, नवरत्नों में सबसे मूल्यवान और कठोर माना जाता है. आम व्यक्ति इसे सौन्दर्य और कीमत के कारण खूब प्रयोग करते हैं. यह ज्योतिष में शुक्र का रत्न माना जाता है. इसको धारण करने से सुख, सौन्दर्य और सम्पन्नता प्राप्त होती है. यह वैवाहिक जीवन और रक्त पर सीधा असर डालता है. शुक्र से लाभ लेने के लिए और जीवन में ग्लैमर बढ़ाने के लिए यह रत्न अचूक होता है. परन्तु बिना जानकारी या सलाह के हीरा धारण करना जीवन में विध्वंस मचा सकता है.

स्वस्तिक, ॐ, सर्प: शुभ चिह्न बढ़ाएंगे जीवन में शुभता, जानें महत्व और प्रयोग

08 अप्रैल 2021

स्वस्तिक एक विशेष आकृति है, जिसको किसी भी कार्य की शुरुआत के पूर्व बनाया जाता है. माना जाता है कि यह चारों दिशाओं से शुभ और मंगल को आकर्षित करता है. स्वस्तिक की रेखाएं और कोण बिलकुल सही होने चाहिए. भूलकर भी उलटे स्वस्तिक का निर्माण और प्रयोग न करें. लाल और पीले रंग के स्वस्तिक ही सर्वश्रेष्ठ होते हैं. इस पर देखें चाल चक्र.

चाल चक्र: क्या होते हैं वक्री ग्रह, ऐसे उठाएं वक्री ग्रह से लाभ

07 अप्रैल 2021

ग्रहों की तमाम तरह की स्थितियां होती हैं. इसमें भी ग्रहों की गति के आधार पर मुख्यतः तीन तरह की स्थितियां पायी जाती हैं. मार्गी, वक्री और अतिचारी. ग्रह जब सामान्य गति से भ्रमण करता है तो उसको मार्गी कहते हैं. जब तीव्र गति से चलता है तो उसको अतिचारी कहते हैं और जब इसी तीव्रता में वह पीछे की ओर चलने लगता है तो उसको वक्री कहते हैं. इस पर देखें चाल चक्र.

बृहस्पति का राशि परिवर्तन, जानें आपकी राशि पर क्या होगा असर

06 अप्रैल 2021

बृहस्पति अभी तक अपनी सबसे कमजोर राशि मकर में मौजूद थे. अब बृहस्पति 05 अप्रैल को कुम्भ राशि में जा चुके हैं. बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन उत्तम फलदायी है. यहाँ बृहस्पति अपनी कमजोर स्थिति से बाहर निकल चुके हैं और शनि के प्रभाव से भी मुक्त हो चुके हैं. देश दुनिया पर इस परिवर्तन का गहरा प्रभाव पड़ेगा. साथ ही अलग अलग राशियां भी इससे प्रभावित होंगी. इस पर देखें चाल चक्र.