चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मंगलवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने फिर से पावर बैंक की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए. हैदराबाद से आ रही इंडिगो फ्लाइट में एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई.
देखते ही देखते केबिन में धुआं भर गया और तुरंत इमरजेंसी इवैक्युएशन करना पड़ा. यात्रियों को स्लाइड के जरिए बाहर निकाला गया और कुछ लोग हल्के रूप से घायल भी हुए.
एयरलाइन के मुताबिक, घटना लैंडिंग के बाद हुई और सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई की गई. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक छोटा सा पावर बैंक इतना बड़ा खतरा कैसे बन सकता है?
पावर बैंक कैसे काम करता है?
पावर बैंक असल में एक पोर्टेबल बैटरी होता है, जिसमें लिथियम-आयन (Lithium-ion) या लिथियम-पॉलिमर सेल्स होते हैं. ये बैटरियां बिजली को स्टोर करती हैं और जरूरत पड़ने पर मोबाइल या दूसरे डिवाइस को चार्ज करती हैं.
लिथियम बैटरियां बहुत ज्यादा एनर्जी को छोटे से स्पेस में स्टोर करती हैं. अगर इस एनर्जी का कंट्रोल बिगड़ जाए, तो ये बैटरी ओवरहीट, शॉर्ट सर्किट या थर्मल रनअवे नाम की स्थिति में चली जाती है. यही वो हालत है जब बैटरी अचानक आग पकड़ सकती है या फट सकती है.
पावर बैंक में आग क्यों लगती है?
सबसे बड़ी वजह होती है ओवरहीटिंग. जब बैटरी ज्यादा गर्म हो जाती है, तो उसके अंदर के केमिकल रिएक्शन कंट्रोल से बाहर हो जाते हैं. दूसरा कारण है ओवरचार्जिंग.
कई लोग रातभर पावर बैंक चार्ज पर छोड़ देते हैं, जिससे बैटरी पर दबाव बढ़ता है. तीसरा बड़ा कारण है लो-क्वालिटी या लोकल पावर बैंक. सस्ते पावर बैंक में सेफ्टी सर्किट सही नहीं होता, जिससे रिस्क कई गुना बढ़ जाता है.
इसके अलावा अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें हल्की सी भी डैमेज आ जाए, तो अंदर के सेल्स खराब होकर स्पार्क कर सकते हैं. फ्लाइट जैसे बंद माहौल में ये खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि वहां ऑक्सीजन और स्पेस लिमिटेड होता है, जिससे आग तेजी से फैल सकती है.
फ्लाइट में पावर बैंक इतना बड़ा रिस्क क्यों?
एविएशन नियम भी इसे गंभीर खतरा मानते हैं. इसलिए DGCA के नियमों के मुताबिक पावर बैंक को केबिन बैग में ही रखना होता है, चेक-इन बैगेज में नहीं. क्योंकि अगर आग लगती है, तो केबिन में तुरंत पता चल सकता है, लेकिन कार्गो में नहीं. इसी वजह से कई एयरलाइंस अब फ्लाइट में पावर बैंक इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा रही हैं.
कैसे रहें सुरक्षित?
पावर बैंक आज जरूरत बन चुका है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसे खतरा बना सकती है. हमेशा अच्छी कंपनी का सर्टिफाइड पावर बैंक इस्तेमाल करें. सस्ता और अनब्रांडेड पावर बैंक लेने से बचें. चार्ज करते वक्त ध्यान रखें कि पावर बैंक ज्यादा गर्म न हो. अगर गरम लगे, तो तुरंत चार्जिंग बंद करें.
कभी भी डैमेज्ड या फूली हुई बैटरी वाला पावर बैंक इस्तेमाल न करें. ये फटने के सबसे ज्यादा खतरे में होते हैं. फ्लाइट में पावर बैंक को बैग में ऐसे रखें जहां नजर बनी रहे. उसे ओवरहेड बिन में डालना सही नहीं माना जाता. पावर बैंक को जेब में या बैग में ऐसी जगह न रखें जहां वो दब जाए या मेटल के कॉन्टैक्ट में आए.