गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई AI Impact Summit के लिए भारत दौरे पर हैं. इसी बीच एक दिलचस्प कॉफी मोमंट भी सुर्खियों में आ गया है. Google और Alphabet के CEO सुंदर पिचाई ने भारत GI कॉफी का स्वाद लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है.
Summit के Bharat GI Coffee Lounge में पिचाई का यह सिप सिर्फ एक चाय-कॉफी ब्रेक नहीं था, बल्कि यह भारत के GI टैग वाले उत्पादों को विश्व मंच पर पहचान दिला सकता है. X पर मंत्री ने इसे लेकर एक वीडियो भी शेयर किया है.
भारत GI कॉफी क्यों खास है?
भारत सरकार ने ‘Bharat GI’ नाम से एक नई राष्ट्रीय पहल शुरू की है. इसका मकसद है कि भारत के जियोग्रैफिकल इंडिकेशन (GI) टैग वाले प्रोडक्ट्स को दुनिया भर में पहचान मिले. इसे DPIIT यानी डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड के तहत रखा गया है.
GI टैग का मतलब है कि किसी प्रोडक्ट की पहचान उसकी भूगोलिक उत्पत्ति, खेती-प्रक्रिया और टेस्ट की क्वॉलिटी से होती है. इसमें खास इलाके की कॉफी, चाय, मसाले या हस्तशिल्प शामिल हैं. ये सिर्फ कॉफी तक ही लिमिटेड नहीं है.
AI Impact Summit में सबसे पहले इस पहल के रूप में GI-tagged भारतीय कॉफी को पेश की गई है.
सुंदर पिचाई ने Malabar Arabica और Monsooned Malabar जैसी भारत की प्रीमियम कॉफी टेस्ट किया. वीडियो में देखा जा सकता है कि वो कॉफी को पसंद कर रहे हैं और इसकी तारीफ़ भी कर रहे हैं.
पिचाई कॉफी के बारे में बरिस्ता से बातचीत करते हैं और बाद में मुस्कुराते भी नजर आते हैं.
X पर पीयूष गोयल ने किया शेयर किया वीडियो
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत GI कॉफी लाउंज से सुंदर पिचाई की फोटो-वीडियो ट्विटर (X) पर शेयर की और लिखा, ‘जब SundarPichai यहां एक चुस्की लेने आ जाएं, तो पता चलता है कि यह सच में खास है! दुनिया आज Bharat GI कॉफी के स्वाद के साथ भारत को भी Raise कर रही है’
उनकी पोस्ट में यह भी कहा गया कि ‘भारत GI’ पहल वर्ल्ड एक्सक्लूसिव है, यानी दुनिया के लिए एक अनोखी पेशकश.
इसके ज़रिये भारत की पारंपरिक गुणवत्ता, कला, तापमान-मिट्टी और समुदाय की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाया जा रहा है.
क्या है भारत GI पहल?
— भारत GI एक नैशनल ब्रांड है जिसे सरकार ने लॉन्च किया है.
— विदेशों में भारत के GI-टैग वाले उत्पादों को प्रमोट करना इसका मकसद है.
— इसके तहत पहला प्रोडक्ट GI-tagged भारतीय कॉफी है.
— तरह-तरह के कॉफी जैसे चिकमंगलूर, कूर्ग, वायनाड और अरकू वैली की कॉफी इसका हिस्सा हैं.
— इन कॉफी का स्वाद और खासियत अलग-अलग इलाके की मिट्टी, मौसम और प्रोसेसिंग से आता है.