भारत में चल रहे AI Impact Summit के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI को लेकर कई बाते कही हैं. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं है. यह भरोसे और पारदर्शिता का विषय भी है.
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे धूप सबसे अच्छा डिसइन्फेक्टेंट होती है, वैसे ही पारदर्शिता ही AI की सबसे बड़ी सुरक्षा है. कुछ देश और कंपनियां मानती हैं कि AI को गोपनीय तरीके से विकसित करना चाहिए. लेकिन भारत की सोच अलग है. भारत मानता है कि AI तभी सबके लिए फायदेमंद होगा, जब उसे खुलकर शेयर किया जाएगा और जब उसके कोड ओपन होंगे.
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि जब कोड शेयर होंगे, तब करोड़ों युवा दिमाग AI को बेहतर और ज्यादा सुरक्षित बना पाएंगे. उन्होंने अपील की कि AI को एक ग्लोबल कॉमन गुड के तौर पर विकसित किया जाए, ताकि इसका फायदा सिर्फ कुछ कंपनियों या देशों तक सीमित न रहे.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी जरूरत AI के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने की है. अलग-अलग देशों में अलग नियम होने से टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल बढ़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि दुनिया मिलकर कुछ बेसिक नियम तय करे, जिससे AI सुरक्षित तरीके से आगे बढ़े.
PM मोदी ने डिजिटल दुनिया में फैल रहे डीपफेक और फर्जी कंटेंट पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नकली फोटो, वीडियो और टेक्स्ट से समाज में भ्रम और अस्थिरता बढ़ रही है.
उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे खाने के पैकेट पर न्यूट्रिशन लेबल होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ऑथेंटिसिटी लेबल होना चाहिए. इससे लोगों को पता चलेगा कि कौन सा कंटेंट असली है और कौन सा AI से बनाया गया है.
मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे AI ज्यादा कंटेंट बना रहा है, वैसे-वैसे इंडस्ट्री में वॉटरमार्किंग और साफ सोर्स स्टैंडर्ड की जरूरत बढ़ती जा रही है. उन्होंने जोर दिया कि भरोसा टेक्नोलॉजी में शुरू से ही जुड़ा होना चाहिए. बाद में जोड़ने से नुकसान हो सकता है.
AI Impact Summit में दुनिया भर से आए टेक लीडर्स और देश के प्रतिनिधि शामिल हैं. मंच पर AI के फायदे और खतरे दोनों पर चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री का कहना है कि अगर AI को इंसान के हित में आगे बढ़ाना है, तो ओपन सोच, पारदर्शिता और वैश्विक सहयोग ही सही रास्ता है.
अंत में PM मोदी ने साफ कहा कि AI को ताकत के तौर पर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी के रूप में देखा जाना चाहिए. अगर ऐसा हुआ, तो AI दुनिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.