AI Impact Summit की शुरुआत भारत में हो चुकी है. इस इवेंट में दुनियाभर के देशों के लीडर और दिग्गज AI कंपनियों के CEO शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की सुबह X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और AI इम्पैक्ट समिट में सभी का स्वागत किया.
अब सवाल आता है कि AI इंपैक्ट समिट से भारत को क्या फायदा होगा. सबसे पहले बता देते हैं कि पहली बार इंटरनेशनल AI इवेंट किसी साउथ के देश में हो रहा है. ऐसे में भारत को अपनी अलग पहचान बनाने में मदद मिलेगी.
भारत AI इंपैक्ट समिट की मदद से न्यू टेक्नोलॉजी को लेकर अपना नजरिया दुनियाभर को बताएगा. जहां पिछले समिट विनाशकारी जोखिमों और नियामक ढांचे पर केंद्रित रहे, वहीं नई दिल्ली इस चर्चा को नए सिरे से दिशा देने की कोशिश कर रहा है.
2023 के दौरान ब्रिटेन में AI इवेंट
AI ग्लोबल इवेंट की शुरुआत नवंबर 2023 में ब्रिटेन के बलेटचली पार्क में हुई थी, जहां AI सेफ्टी समिट हुआ था. वहां 28 देशों ने AI सेफ्टी और खतरों की पहचान को लेकर एक एतिहासिक ब्लेटचली घोषणा पर साइन किए गए थे. फिर इस AI पहल का दायरा बढ़ता चला गया.
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2024 में सियोल में हुआ था इवेंट
मई 2024 में आयोजित सियोल समिट में सेफ्टी के साथ-साथ इनोवेशन को भी चर्चा में शामिल किया गया.
फरवरी 2025 में पेरिस AI एक्शन समिट हुआ था, जिसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इस समिट में आर्थिक अवसरों पर जोर दिया गया. हालांकि, सुरक्षा से जुड़े मुद्दे काफी हद तक पीछे रह गए.
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AI इम्पैक्ट समिट 2026 की थीम
AI इम्पैक्ट समिट में गूगल और अल्फाबेट सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई शामिल होंगे.