गेमिंग कम्यूनिटी से लेकर तमाम GTA फैंस फिलहाल GTA 6 का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच यूक्रेन अब अपने ड्रोन पायलट्स को ट्रेनिंग देने के लिए मशहूर वीडियो गेम Grand Theft Auto V (GTA 5) का इस्तेमाल कर रहा है.
यूक्रेन के कई ड्रोन ऑपरेटर्स असली ट्रेनिंग के साथ-साथ GTA 5 में भी प्रैक्टिस कर रहे हैं. ये अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि आम तौर पर ऐसा नहीं होता है कि किसी देश की मिलिट्री किसी गेम में ट्रेनिंग ले रही है वो भी असली लड़ाई की.
गेम के अंदर ड्रोन उड़ाने की प्रैक्टिस
इसमें वो गेम के अंदर ड्रोन जैसे कंट्रोल का इस्तेमाल करके टारगेट पर हमला करने की प्रैक्टिस करते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे उनकी हैंड-आई कोऑर्डिनेशन और रिएक्शन टाइम बेहतर होता है, जो असली युद्ध में बेहद जरूरी होता है.
हालांकि यूक्रेन की सरकार ने साफ किया है कि ये तरीका सिर्फ सपोर्ट और प्रैक्टिस के लिए है, असली ट्रेनिंग का विकल्प नहीं. लेकिन फिर भी ये तरीका काफी चर्चा में है क्योंकि पहली बार किसी देश ने इतने बड़े स्तर पर वीडियो गेम को मिलिट्री ट्रेनिंग में शामिल किया है.
गौरतलब है कि GTA गेम सीरीज अपनी शानदार स्टोरी, सेट और डिटेलिंग के लिए जाना जाता है. इस गेम का ग्राफिक्स असली जैसा ही लगता है. बताया जा रहा है कि GTA 6 को बनाने में बुर्ज खलीफा से भी ज्यादा पैसा लगा है. हालांकि साल भर से इस गेम की लॉन्च डेट लगातार डीले हो रही है.
हर वॉर में ड्रोन का इस्तेमाल
असल में आज की जंग पहले जैसी नहीं रही. अब युद्ध का बड़ा हिस्सा ड्रोन और टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो चुका है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि यूक्रेन की लड़ाई में ड्रोन बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो दुश्मन की लोकेशन पता करने से लेकर सीधे हमले तक में इस्तेमाल हो रहे हैं.
यही वजह है कि यूक्रेन तेजी से ऐसे लोगों को ट्रेन कर रहा है जिनके पास गेमिंग का एक्सपीरिएंस है. गेम खेलने वाले लोग पहले से ही कंट्रोलर, स्क्रीन और तेज फैसले लेने के आदी होते हैं, इसलिए उन्हें ड्रोन ऑपरेट करना जल्दी सीखने में मदद मिलती है.
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि खास ट्रेनिंग सेंटर GTA 5 के अंदर FPV (First Person View) ड्रोन जैसा एक्सपीरिएंस तैयार कर रहे हैं. इसमें पायलट्स को ऐसा लगता है जैसे वे असली ड्रोन उड़ा रहे हों.
गेम में रीस्टार्ट होता है वॉर में नहीं
हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि गेम और असली युद्ध में बहुत फर्क होता है. गेम में रीस्टार्ट का ऑप्शन होता है, लेकिन असली जंग में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती. फिर भी यह तरीका शुरुआती ट्रेनिंग के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है.
यूक्रेन का यह कदम दिखाता है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और गेमिंग का रोल और भी बड़ा होने वाला है. क्योंकि इन दिनों गेमिंग में काफी डिटेलिंग देखने को मिलती है.