दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Apple इन दिनों एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है. मामला iPhone और Siri के AI फीचर्स से जुड़ा है.
अमेरिका में कंपनी पर इल्जाम लगा कि उसने ऐसे AI फीचर्स का प्रचार किया जो लॉन्च के समय मौजूद ही नहीं थे. अब इसी मामले में Apple करीब 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2000 करोड़ रुपये देकर समझौता करने को तैयार हो गई है.
AI को लेकर कंपनी ने पूरा नहीं किया अपना वादा
असल विवाद की शुरुआत 2024 में हुई थी, जब Apple ने अपने बड़े डेवलपर इवेंट में Apple Intelligence नाम से नए AI फीचर्स दिखाए थे. कंपनी ने बताया था कि नया Siri पहले से ज्यादा स्मार्ट होगा.
यह भी पढ़ें: DSLR जैसी फोटोज अब फोन से, Vivo ने लॉन्च किया X300 Ultra, आईफोन से बेहतर फोटोज
यूजर्स सिर्फ आवाज से कई पर्सनल काम कर पाएंगे, जैसे पुरानी ईमेल ढूंढना, मैसेज समझना, स्क्रीन पर दिख रही चीजों के हिसाब से जवाब देना और ऐप्स के बीच ज्यादा स्मार्ट तरीके से काम करना.
इसी प्रचार के बाद लाखों लोगों ने iPhone 15 Pro, iPhone 15 Pro Max और iPhone 16 सीरीज के फोन खरीदे. लेकिन आरोप है कि जिन AI फीचर्स को दिखाकर फोन बेचे गए, उनमें से कई फीचर्स समय पर आए ही नहीं. कुछ फीचर्स अब तक पूरी तरह लॉन्च नहीं हुए हैं.
यहीं से मामला कोर्ट तक पहुंच गया. अमेरिका में कस्टमर्स ने क्लास एक्शन लॉसूट दायर किया. केस में कहा गया कि Apple ने AI फीचर्स को लेकर झूठा प्रॉमिस किया और यूजर्स को भ्रमित किया. लोगों का कहना था कि उन्होंने नए आईफोन सिर्फ इन AI फीचर्स की वजह से खरीदे थे.
2000 करोड़ रुपये में ऐपल ने किया समझौता
अब ऐपल इस केस को खत्म करने के लिए 250 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट देने पर राजी हो गई है. हालांकि कंपनी ने कोई गलती मानने से इनकार किया है. ऐपल का कहना है कि उसने कई AI फीचर्स लॉन्च किए हैं और वह लगातार ऐपल इंटेलिजेंस पर काम कर रही है.
यह भी पढ़ें: सावधान! क्या आपका WhatsApp सुरक्षित है? इन 8 सेटिंग्स को अभी बदलें!
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में करीब 3.7 करोड़ डिवाइस इस सेटलमेंट के दायरे में आ सकते हैं. अगर कोर्ट इस समझौते को मंजूरी देता है, तो एलिजिबल यूजर्स को हर डिवाइस पर 25 डॉलर से लेकर 95 डॉलर तक मिल सकते हैं. यह रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने लोग क्लेम करते हैं.
किन यूजर्स को मिलेगा पैसा और कितना?
अमेरिका में जून 2024 से मार्च 2025 तक में खरीदे गए iPhone 15 और iPhone 16 सीरीज यूजर्स को 25 से 95 यूएस डॉलर्स मिल सकते हैं.
अमेरिकी लॉ फर्म Clarkson ने लोगों की तरफ से ऐपल पर क्लास एक्शन लॉसूट दायर किया था. अब इस कंपनी ने कहा है कि ऐपल के AI को लेकर किए गए झूठे प्रचार पर शुरुआती अप्रूवल आ चुका है. कोर्ट का फाइनल जजमेंट आने के बाद कंपनी एक पोर्टल जारी करेगी. यहां एक फॉर्म है जहां से लोग ऐपल से मुआवजा क्लेम कर सकते हैं.
AI फीचर्स जल्दी दिखाने की होड़ में गलत प्रचार
इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI के दौर में टेक कंपनियां फीचर्स जल्दी दिखाने की होड़ में जरूरत से ज्यादा वादे कर रही हैं? पिछले दो सालों में AI टेक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बजवर्ड बन चुका है. ऐपल ने 2024 के लॉन्च इवेंट में सबसे ज्यादा बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र किया था और AI को Apple Intelligence बताया था.
यह भी पढ़ें: एक कॉल और 54 दिन तक डिजिटल अरेस्ट, ATS और बम ब्लास्ट का डर दिखा कर ठगे 40 लाख रुपये
इवेंट के दौरान काफी सारे AI बेस्ड फीचर्स मिलने का दावा किया गया, लेकिन लॉन्च के बाद यूजर्स को उतने फीचर्स मिले ही नहीं. यहां तक कई सालों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेस में आईफोन और ऐपल स्ट्रगल करते हुए नजर आए.
AI फीचर्स ना मिलने से यूजर्स नाराज
लेकिन जब फीचर्स समय पर नहीं पहुंचे, तो यूजर्स का गुस्सा बढ़ गया. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मामला सिर्फ ऐपल तक सीमित नहीं है. आने वाले समय में दूसरी टेक कंपनियों पर भी ऐसे केस हो सकते हैं अगर वे AI फीचर्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाती हैं.
दिलचस्प बात यह भी है कि ऐपल लंबे समय तक प्राइवेसी और ट्रस्ट को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताता रहा है. लेकिन अब उसी कंपनी पर मिसलीडिंग मार्केटिंग का आरोप लगना उसके लिए बड़ी इमेज चुनौती माना जा रहा है.
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि Apple अपनी नई Siri AI को कब पूरी तरह लॉन्च करता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अगले बड़े डेवलपर इवेंट में Siri के नए AI फीचर्स को दोबारा दिखा सकती है