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AI की रेस में हारा Apple? मिलाया Google से हाथ, Gemini AI पर काम करेगा Siri

Apple ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है. स्मार्टफोन मार्केट में एक दूसरे के सबसे बड़े कंपटीशन अब एक साथ मिलकर काम करेंगे. एक तरफ Android है, तो दूसरी तरफ iOS है. यूजर्स एक दूसरे से अक्सर इन ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर बहस करते रहते हैं. अब Apple ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है. इसका असर हमें Siri पर आने वाले दिनों में दिखेगा.

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Apple और Google ने AI को लेकर मिलाया हाथ. (Photo: ITG)
Apple और Google ने AI को लेकर मिलाया हाथ. (Photo: ITG)

Google और ऐपल ने हाथ मिला लिया है. दोनों कंपनियों ने मल्टी-ईयर कोलैबोरेशन का ऐलान सोमवार को किया गया है. इस कोलैबोरेशन के तहत आपको iPhone पर Google Gemini बेस्ड Siri देखने को मिलेगा. ऐपल लंबे समय से Siri को अपडेट करने पर काम कर रहा है. 

यहां तक की 2025 में Siri को लेकर होने वाले बड़े लॉन्च को 2026 में टाल दिया गया था. इसकी बड़ी वजह AI के रेस में ऐपल का पिछड़ना है. इस कोलैबोरेशन से भी साफ हो गया है कि ऐपल ने गूगल के साथ हाथ इसलिए मिलाया है. क्योंकि उनके पास इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है. 

Apple यूज करेगा Gemini

दोनों कंपनियों ने एक साझा बयान भी जारी किया है. गूगल-ऐपल के बयान के मुताबिक, ऐपल ने गूगल की टेक्नोलॉजी को सावधानी से किए गए इवैल्यूशन के बाद चुना है. कंपनी को लगता है कि Gemini उनके नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल के लिए सबसे कैपेबल फाउंडेशन प्रदान कर सकता है. 

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Gemini बेस्ड फाउंडेशन मॉडल की वजह से iPhone, iPad और Mac पर आने वाले दिनों में कई AI फीचर्स मिलेंगे. यूजर्स को Siri के जरिए ज्यादा पर्सनलाइज्ड और कैपेबल असिस्टेंट मिलेगा. कंपनी ने ये भी कंफर्म किया है कि Siri का नया वर्जन इस साल ही रोलआउट किया जाएगा.

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Google Apple Gemini

ऐपल इंटेलिजेंस पहले की तरह ही ऐपल के डिवाइसेस पर काम करता रहेगा. पिछले कुछ वक्त से लगातार ऐसी खबरें आ रही थी कि ऐपल गूगल के साथ मिलकर Siri को बेहतर करने पर काम कर रहा है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नया Siri काफी हद तक Google Gemini की ओर झुका हुआ दिखेगा. 

मिलेगा पर्सनलाइज्ड और कस्टमाइज वर्जन

रिपोर्ट्स की मानें तो iPhone मेकर गूगल से Gemini AI का एक कस्टम वर्जन चाहता है, जो कंपनी के प्राइवेट क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करेगा और Siri की कैपेबिलिटी को बेहतर करेगा. ऐपल ने गूगल को सिर्फ Gemini की क्षमताओं की वजह से नहीं बल्कि पहले से मौजूद बिजनेस साझेदारी की वजह से चुना है. 

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अब ये देखना दिलचस्प होगा कि ऐपल किस तरह से गूगल Gemini पर बेस्ड Siri को प्रोजेक्ट करता है. साथ ही इससे ये भी साफ है कि AI की मामले में गूगल ने अच्छी बढ़त बना ली है और शायद ऐपल ने भी कंपनी की लीड को स्वीकार कर लिया है.

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