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ये खतरनाक Android मैलवेयर ले रहा फोन का पूरा कंट्रोल, बैंक OTP तक खतरे में

एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स पर एक नया खतरा मंडरा रहा है, जिसकी वजह से हैकर्स बड़ी ही आसानी से बैंक डिटेल्स, ओटीपी और अन्य डिटेल्स को टेकओवर कर सकता है. इस मैलवेयर का नाम Perseus है, जो एक खास ऐप के जरिए यूजर्स के फोन में अपनी जगह बना रहा है.

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एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स सेफ्टी के लिए क्या करें. (Photo: Unsplash)
एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स सेफ्टी के लिए क्या करें. (Photo: Unsplash)

एक न्यू एंड्रॉयड मैलवेयर का पता चला है, जो स्मार्टफोन में मौजूद सेंसटिव कंटेंट को कॉपी कर रहा है. इस मैलवेयर का नाम Perseus है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मैलवेयर मोबाइल यूजर्स की सेंसटिव डिटेल्स को आसानी से चोरी करने की काबिलियत रखता है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैंक ओटीपी, पासवर्ड और फाइनेंशियल डेटा आदि को स्कैन कर सकता है. कई मामलों में यह स्मार्टफोन पर पूरी तरह से टेकओवर कर लेगा. 

Perseus मैलवेयर अपने पुराने वर्ज़न Cerberus और Phoenix पर बेस्ड है. ये नया वेरिएंट इसलिए ज्यादा खतरनाक है कि साइबर हैकर्स इसकी मदद से किसी भी मोबाइल यूजर्स को शिकार बना सकते हैं. 

हैकर्स किसी भी यूजर्स को निशाना बनाकर उसके डेटा को आसानी एक्सेस कर सकते हैं. आइये जानते हैं कि यह मैलवेयर क्या-क्या कर सकता है. 

  • रियल-टाइम स्क्रीनशॉट 
  • स्क्रीन पर टैप को सिम्युलेट 
  • ऐप्स को ओपन कर सकता है
  • ब्लैक स्क्रीन ओवरले एक्टिव कर सकता है, जिसकी वजह से यूजर्स को कुछ दिखाई ना दें. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमतौर पर मैलवेयर लॉगइन डिटेल्स को चोरी करते हैं, लेकिन ये न्यू टाइप का मैलवेयर यूजर्स के नोट्स को भी कॉपी कर सकता है. ऐसे में यह पर्सनल डिटेल्स तक आसानी से पहुंच बना पाता है. 

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Perseus मैलवेयर कई नोट्स ऐप को शिकार बना सकता है 

Perseus मैलवेयर कई नोट्स ऐप से डेटा चोरी कर सकता है. इसमें गूगल कीप, शाओमी नोट्स, सैमसंग नोट्स, कलरनोट, नोटपैड नोट्स, एवरनोट-नोट ऑर्गनाइजर आदि हैं. Perseus बिना यूजर की जानकारी के नोट्स ऐप्स के कंटेंट को ऑर्गनाइज तरीके से स्कैन करता है. 

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बचाव के लिए क्या करें? 

Perseus या अन्य किसी मैलवेयर से बचाव के लिए जरूरी है कि उन ऐप्स से दूर रहें जो इस तरह के मैलवेयर को फैला रहे हैं. यह मैलवेयर उन ऐप्स के जरिए प्रसारित हो रहा है, जो अपनी पहचान IPTV सर्विस के रूप में बताते हैं. ये गूगल प्ले स्टोर से बाहर मौजूद होते हैं. इनको थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिए इंस्टॉल किया जाता है. 

सेफ्टी के लिए क्या-क्या करें? 

स्मार्टफोन को सेफ रखने के लिए जरूरी है कि उसके ऑपरेटिंग सिस्टम को लगातार अप टू डेट रखें. साथ ही ऑफिशियल ऐप स्टोर पर से ही ऐप को इंस्टॉल करें.  

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