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साइबर वॉर के वे खास तरीके, जो किसी भी देश की कमर तोड़ देते हैं

ईरान पर अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं. अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर साइबर अटैक भी हो रहा है, जिसमें सरकारी पोर्टल, सैनिक कम्युनिकेशन सिस्टम को शिकार बनाया जा रहा है. इतना ही नहीं ईरान में पॉपुलर ऐप को भी शिकार बनाया गया है, जिसका नाम BadeSaba है.

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साइबर वॉर का जमाना. (Photo: Unsplash)
साइबर वॉर का जमाना. (Photo: Unsplash)

अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला कर रहे हैं और ईरान भी जवाबी एक्शन हमले कर रहा है. एक दूसरे के सैन्य ठिकानों और बंकरों को निशाना बनाया जा रहा है और मिसाइल व गोले दागे जा रहे हैं. हालांकि यह हमला सिर्फ बमबारी और मिसाइल दागने तक सीमित नहीं है. 

अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर साइबर अटैक भी हो रहा है, जिसमें सरकारी पोर्टल, सैनिक कम्युनिकेशन सिस्टम को शिकार बनाया जा रहा है. इतना ही नहीं ईरान में पॉपुलर ऐप को भी शिकार बनाया गया है, जिसका नाम BadeSaba है. 

दुश्मन देश को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट हमले से प्रभावित करते हैं

साइबर अटैक में दुश्मन देश को अलग-अलग तरीकों से शिकार बनाया जाता है. मुख्य मकसद सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम को खत्म करना होता है और वहां की जनता को सरकार के खिलाफ करना होता है. 

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AI निभा रहा अहम भूमिका 

ईरान के खिलाफ हो रहे युद्ध में आर्टिफिशियल इटेंलीजेंस (AI) का काफी यूज हो रहा है. जहां बैन होने के बाद भी Anthropic के Claude का अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ यूज किया है. 

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कहां-कहां होता है साइबर अटैक 

  • पावर ग्रिड को हैक कर बिजली बंद करना
  • सेना कम्युनिकेशन सिस्टम को बंद करना 
  • सेना जीपीएस सिस्टम को खत्म करना 
  • डेटा सेंटर्स को बंद करना
  • सरकारी वेबसाइट को निशाना बनाना
  • फेक न्यूज फैलाना भी साइबर अटैक का ही एक रूप 
  • दुश्मन देश में फेक न्यूज फैलाना
  • डीपफेक से फेक वीडियो तैयार करना
  • सेटेलाइट कनेक्टिविटी को भी डिस्टर्ब करना इसमें शामिल है. 

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ड्रोन से होगा हमला 

भविष्य में AI Drone Swarm अटैक तकनीक का यूज होगा. इस तकनीक के तहत दर्जनों या सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ान भरते हैं, जिसमें नेटवर्क के जरिए AI की मदद से ऑटोमैटिक तरीके से मिशन को अंजाम देते हैं. बिना हर ड्रोन को अलग-अलग कंट्रोल किए. 

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