FASTag यूजर्स सावधान
Fastag की मदद से हाइवे टोल कलेक्शन को सिंपल बनाया गया है. इसके लिए FASTag अकाउंट को रिचार्ज कराना होता है. हालांकि रिचार्ज के दौरान सावधान रहने की जरूरत है. नहीं तो आप बीच हाइव में फंस सकते हैं. (Photo: Getty Image)
साइबर फ्रॉड फर्जी वेबसाइट से ठग रहे
साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर कई लोगों को शिकार बना रहे हैं, जिसमें आपका पैसा फास्टैग वॉलेट की जगह ठगों के बैंक अकाउंट में पहुंच जाते हैं. (Photo: Getty Image)
फास्टैग यूजर्स को फंसा रहे हैं
दरअसल, गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी CyberDost I4C ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठग फास्टैग यूजर्स को फंसा रहे हैं. (Photo: Getty Image)
वीडियो के जरिए समझाया ठगी का खेल
पोस्ट में एक वीडियो है, जिसमें बताया है कि एक यूजर्स फास्टैग रिचार्ज कराना चाहता है. फिर दूसरा दोस्त फेक वेबसाइट के बारे में बताता है. वे कहता है कि इंटरनेट पर ढेरों NHAI के नाम पर फर्जी पोर्टल मौजूद हैं. (Photo: Getty Image)
कई फेक वेबसाइट के जरिए हो रही ठगी
वीडियो में बताया जा चुका है कि साइबर ठग NHAI के नाम पर कई फेक वेबसाइट चला रहे हैं. जैसे ही यूजर्स फास्टैग या फिर फास्टैग एनुअल पास के लिए पेमेंट कराते हैं, तो वे पैसे स्कैमर्स के बैंक खाते में पहुंच जाते हैं. (Photo: File Photo)
फर्जी वेबसाइट्स का पता लगाना सिंपल
आगे बताया है कि फर्जी वेबसाइट्स का पता लगाना आसान है. इसके लिए वेबसाइट्स का URL जरूर चेक करें. ऑफिशियल वेबसाइट का पता लगाने के लिए पोर्टल URL की स्पेलिंग चेक करें. यहां पर फोटो, स्लग और लो क्वालिटी की फोटो आदि दिखाई देगी. (Photo: Getty Image)