हैकर्स ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के तीन करोड़ यूजर्स का निजी डाटा चुरा लिया है. इस बात की जानकारी खुद फेसबुक ने दी है. फेसबुक के मुताबिक पिछले महीने के आखिर में उजागर हुई सेंधमारी में हैकर्स ने 4 लाख लोगों के अकाउंट पर साइबर अटैक कर तीन करोड़ यूजर्स के अकाउंट्स का एक्सेस टोकन चुरा लिया.
इस हैकिंग का असर यह हुआ कि फेसबुक पर लोगों के अकाउंट अपने आप लॉग-आउट होने लगे थे. फेसबुक ने बताया कि वो साइबर अटैक की जांच कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को यह बता सकें कि हैकर्स ने उनके अकाउंट्स से किस प्रकार की जानकारी चोरी की है.
फेसबुक ने अपने बयान में कहा कि हमने जितने खातों के हैकिंग का अंदाजा लगाया था, उसकी तुलना में कम लोग ही प्रभावित हुए हैं. यह सेंधमारी एक सुरक्षा चूक के कारण हुई है. हालांकि, फेसबुक ने इस चूक को दूर कर लिया है.
Sharing the results of our investigation into the attack we announced two weeks ago:
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फेसबुक के मुताबिक हैकर्स ने जुलाई 2017 और सितंबर 2018 के बीच मौजूद फेसबुक के कोड में सेंधमारी की. तीन अलग-अलग सॉफ्टवेयर बग्स के माध्यम से फेसबुक के फीचर 'View As' का इस्तेमाल किया. इसके माध्यम से हैकर्स को यूजर्स के एक्सेस टोकन मिल गए, जिसके जरिए उन्होंने तीन करोड़ लोगों के अकाउंट से डाटा उड़ा लिए.
हालांकि, फेसबुक ने खामी को दुरुस्त कर इसकी जानकारी साइबर क्राइम शाखा को दे दी है. फेसबुक के मुताबिक 5 करोड़ लोगों के अकाउंट हैक होने का डर था लेकिन हैकर्स केवल 3 करोड़ अकाउंट ही हैक कर पाए.
फेसबुक ने बताया कि उन्होंने 14 सितंबर, 2018 को हैकर्स की गतिविधियों को देखा, जो कि उन्हें असामान्य दिखी. इसके बाद फेसबुक ने जांच शुरू की और 25 सितंबर को यह निर्धारित किया कि यह वास्तव में एक हमला था.
फेसबुक ने दो दिनों के भीतर इस सेंधमारी से निजात पा ली और हमले को रोक दिया. साथ ही संभावित रूप से हैक किए गए अकाउंट्स के लिए एक्सेस टोकन बहाल करके लोगों के खातों को सुरक्षित किया. सावधानी के तौर पर फेसबुक ने 'View As' को भी बंद कर दिया. इस मामले की जांच में फेसबुक का सहयोग कर रही है.