अगर ऐपल का यह पेटेंट हकीकत बना तो स्मार्टफोन की दुनिया में धमाका हो सकता है. क्योंकि रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अमेरिकी टेक्नॉलॉजी कंपनी ऐपल एक ऐसी वायरलेस टेक्नॉलॉजी पर काम कर रही है जो वाईफाई राउटर के जरिए फोन चार्ज कर सकता है. अभी तक वायरलेस चार्जिंग का मतलब ये है कि इसके लिए स्मार्टफोन को डॉक में लगना होता है जिसे सॉकेट से कनेक्ट करते हैं. यानी सही मायने में यह वायरलेस चार्जिंग होगा.
ऐपल ने अमेरिकी पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफिस में डुअल एंड कम्यूनिकेशन सिस्टम के पेटेंट के लिए आवेदन किया है. (Wireless Charging and Communications Systems With Dual-Frequency Patch Antennas ). पेटेंट की वेबसाइट पर यह इसी नाम से देखा जा सकता है. गौरतलब है कि यहां इसे एक ऐसा मेथड है जिसके जरिए डेटा कम्यूनिकेशन के लिए डेडिकेटेड फ्रिक्वेंसी पर पावर ट्रांसफर कराया जा सकता है.
US पेटेंट और ट्रेडमार्क 27 अप्रैल 2017 को आवेदन किया है.
इसमें पैच ऐंटेना को माइक्रोवेव फ्रिक्वेंसी पर वायरलेस पावर ट्रांसफर के लिए यूज किया जा सकता है या मिलिमीटर वेव कम्यूनिकेशन के लिए भी इसे यूज किया जा सकता है.
हालांकि ऐपल ऐसी पहली कंपनी नहीं है जिसने ऐसे वायरलेस चार्जिंग के सोनी ने भी इसी तरह की वायरलेस चार्जिंग के पेटेंट के लिए आवेदन किया है. इतना ही नहीं डिज्नी के कुछ रिसरचर्स ने एक रिसर्च में यह पाया था कि वाईफाई की तरह ही वायरलेस चार्जिंग संभव है. इसके लिए उन्होंने डेमोंस्ट्रेशन वीडियो भी जारी किया था.

जाहिर है कंपनी इसे अगले iPhone में तो नहीं दे सकती है, करना और इसे फीचर के तौर पर लॉन्च करने में काफी समय लगते हैं. ज्यादातर पेटेंट के बाद रिसर्च और डेवलपमेंट के दौरान इन्हें खत्म कर दिया जाता है. लेकिन उम्मीद की जा रही है ऐपल अगले कुछ सालों में इस टेक्नॉलॉजी को अपने प्रोडक्ट्स में ला सकता है.
हालांकि ऐपल द्वारा दाखिल किए गए इस पेटेंट में यह साफ नहीं है कि इस टेक्नॉलॉजी को कंपनी अपने किस प्रोडक्ट में यूज करेगी. मुमकिन है इसे iPhone या iPad में दिया जा सकता है.
पिछले दिनों iPhone 8 का डायग्राम लीक हो रहा था जिसमें है. यह हैंडसेट के रियर केसिंग की तरफ है. दिलचस्प यह है कि इसी जगह पर पैच एंटेना होता है और ऐपल द्वारा फाइल किए गए पेटेंट में भी वैसे ही ऐंटेना पैच का जिक्र है. इसके अलावा भी iPhone 8 में वायरलेस चार्जिंग की कई रिपोर्ट्स आई हैं और इस बार कंपनी यह फीचर दे सकती है, क्योंकि iPhone के टक्कर के सभी स्मार्टफोन में यह फीचर दिया जा रहा है. उदाहरण हाल ही में लॉन्च हुआ Galaxy S8 है.