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Australian Open: भारत-पाक मैच की तरह टेनिस कोर्ट में भी दिखा तनाव, नहीं हुआ हैंडशेक, जानें वजह

ऑस्ट्रेलियन ओपन महिला सेमीफाइनल से पहले ही एलिना स्वितोलिना और एरिना सबालेंका के बीच तनाव साफ नजर आया. प्री-मैच फोटो और नेट पर हाथ मिलाने से स्वितोलिना के इनकार ने यूक्रेन-रूस युद्ध से जुड़े राजनीतिक संकेतों को एक बार फिर सामने ला दिया.

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ऑस्ट्रेलियन ओपन में यूक्रेन और बेलारूस के खिलाड़ियों में नहीं हुआ हैंडशेक (Photo: ITG)
ऑस्ट्रेलियन ओपन में यूक्रेन और बेलारूस के खिलाड़ियों में नहीं हुआ हैंडशेक (Photo: ITG)

ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों की तरह नो हैंडशेक हुआ. जिससे एक बार फिर खेल के मैदान पर तनाव देखने को मिला. ऑस्ट्रेलियन ओपन का सेमीफाइनल मैच रॉड लेवर एरीना में खेला गया. लेकिन इस मुकाबले की शुरुआत से पहले ही तनाव साफ दिखने लगा था. महिला एकल सेमीफाइनल में एलिना स्वितोलिना और एरिना सबालेंका के बीच कोई हैंडशेक नहीं हुआ.

मैच शुरू होने से ठीक पहले, वर्ल्ड नंबर-1 सबालेंका परंपरागत प्री-मैच फोटो के लिए बॉल किड के साथ कोर्ट पर आईं. लेकिन स्वितोलिना ने इस फोटो से दूरी बनाए रखी. इसके बाद जब दोनों खिलाड़ी नेट के पास पहुंचीं, तब भी कोई हाथ मिलाना नहीं हुआ. ये सब चौंकाने वाला जरूर था, लेकिन 2022 के बाद यूक्रेनी खिलाड़ियों और रूस या बेलारूस से जुड़ी खिलाड़ियों के बीच ऐसे दृश्य अब आम हो चुके हैं.

स्वितोलिना ने सबालेंका से हाथ क्यों नहीं मिलाया?

रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद और बेलारूस की भूमिका को देखते हुए, ऐसे मुकाबले सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं रह गए हैं. इन मैचों में हाथ मिलाने की परंपरा लगभग खत्म हो चुकी है. एलिना स्वितोलिना इस मुद्दे पर सबसे मुखर खिलाड़ियों में से एक रही हैं. वह कई बार खुलकर कह चुकी हैं कि ऐसे मुकाबले उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद मुश्किल होते हैं और हाथ न मिलाना उनके लिए एक संदेश देने जैसा है.

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ऑस्ट्रेलियन ओपन का यह सेमीफाइनल भी उसी कहानी का हिस्सा बना. नेट पर कोई हाथ नहीं मिला, कैमरों के लिए कोई साझा पल नहीं दिखा. ऐसा लग रहा था मानो मुकाबला गेंद फेंके जाने से पहले ही शुरू हो चुका हो.

मैच के दौरान भी दिखा तनाव

यह तनाव सिर्फ प्री-मैच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैच के दौरान भी साफ नजर आया. एक रैली के दौरान सबालेंका की आवाज पर अंपायर ने उन्हें ‘हिंड्रेंस’ यानी बाधा के लिए टोका. अंपायर का कहना था कि आवाज रैली के बीच आई, न कि उनकी सामान्य ग्रंट का हिस्सा थी.

इस फैसले से सबालेंका खुश नहीं दिखीं. उन्होंने अंपायर से बहस की और वीडियो रिव्यू की मांग की, जिससे खेल कुछ देर के लिए रुक गया और कोर्ट पर माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया.

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