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संजीता चानू को वापस मिलेगा सम्मान, डोपिंग के आरोप गलत साबित

वेटलिफ्टर संजीता चानू ने गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था.

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संजीता चानू
संजीता चानू

अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने संजीता चानू के विफल डोप परीक्षण में अलग नमूना संख्या देने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों की इस स्वर्ण पदक विजेता ने जांच की मांग की है.

आईडब्ल्यूएफ ने इस साल डोप परीक्षण में विफल रहने की जानकारी देने वाले संवाद में मूत्र के नमूनों को दो अलग-अलग नंबर देने की बात स्वीकार की है. आईडब्ल्यूएफ ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) को भेजे पत्र में यह बात स्वीकार की है.

इस पत्र की प्रति पीटीआई के पास भी है, जिसमें प्रशासनिक गलती की बात स्वीकार की गई है. संजीता ने अब आईडब्ल्यूएफ को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है कि ऐसी गलती कैसे हो गई.

डोप नतीजे की जानकारी देते हुए संजीता को 15 मई को भेजे पत्र में आईडब्ल्यूएफ ने पिछले साल लॉस एंजिलिस में 17 नवंबर को लिए नमूने को कोड नंबर 1599000 दिया है, जबकि नतीजे के वर्ग में नमूना संख्या 1599176 दी गई है.

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आईडब्ल्यूएफ ने अपनी गलती उस समय स्वीकार की जब यह मुद्दा प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा. पीएमओ ने खेल मंत्रालय को इस मुद्दे को देखने को कहा जिसने यह जिम्मेदारी नाडा को सौंपी.

आईडब्ल्यूएफ के गलती स्वीकार करने का हालांकि शायद असल मामले में कोई असर नहीं पड़े, क्योंकि नाडा ने खेल मंत्रालय को अपने जवाब में कहा है कि संजीता को डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ के सुनवाई पैनल के समक्ष अपना पक्ष रखने की जरूरत है.

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