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दंगल को मसालेदार बनाने के चक्कर में ये चूक कर गए आमिर !

आमिर खान की फिल्म दंगल सिनेमाघरों में खूब धूम मचा रही है. आमिर ने एक बार फिर सबको दिखा दिया आखिर क्यों उन्हें 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' कहा जाता है. हर कोई आमिर की तारीफों के कसीदे गाड़ रहा है लेकिन इस फिल्म परफेक्शन में माहिर इस स्टार से भी चूक हो गई है...

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आमिर खान
आमिर खान

आमिर खान की फिल्म दंगल सिनेमाघरों में खूब धूम मचा रही है. आमिर ने एक बार फिर सबको दिखा दिया आखिर क्यों उन्हें 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' कहा जाता है. हर कोई आमिर की तारीफों के कसीदे काढ़ रहा है लेकिन इस फिल्म परफेक्शन में माहिर इस स्टार से भी चूक हो गई है...


दंगल की कहानी हरियाणा के एक पहलवान ‘महावीर सिंह फोगट’ और उनकी बेटियों पर है. जिनका नाम गीता और बबीता है. कहानी में समाजिक पहलू को दिखाया गया है. कैसे विरोध के बावजूद गांव का एक पहलवान समाज से लड़कर अपनी बेटियों को पहलवान बनाता है. आगे चलकर दोनों लड़कियां कैसे देश और उनका नाम रोशन करती हैं. गीता और बबीता के अलावा महावीर फोगाट की रितु और संगीता दो और बेटियां हैं.


फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाया गया है कि गीता फोगाट की गोल्ड मेडल बाउट उनके पिता महावीर फोगाट देखने जा रहे हैं. तभी उन्हें एक साजिश के तहत अचानक कमरे में बंद कर दिया जाता है, जिससे वो फाइनल बाउट नहीं देख सकें. लेकिन असल जिंदगी में महावीर फोगाट के साथ ऐसा नहीं हुआ था. फिल्म में दिखाया गया है कि कोच नहीं चाहते थे कि गीता की सफलता का श्रेय उनके पिता को मिले. लेकिन असल जिंदगी में कोच के साथ महावीर फोगाट से अच्छे संबंध रहे हैं.

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फिल्म में दिखाया गया है कि फाइनल मुकाबले में गीता हार रही होती हैं और आखिरी में पांच अंकों वाला दांव लगाकर वो जीतती हैं. लेकिन कॉमनवेल्थ गेम के फाइनल बाउट में गीता ने विरोधी पहलवान को एकतरफा मुकाबले में मात दी थी. फिल्म को चटपटा बनाने लिए ऐसा किया गया है. असली मुकाबले में गीता पूरी तरह ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी पर हावी थीं. गीता ने एमिली को एकतरफा फाइट में 8-0 से शिकस्त दी थी.


साल 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल मुकाबले में गीता के सामने ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी एमिली बेंस्टेड थी. लेकिन फिल्म में दिखाया गया है कि गीता के सामने ऑस्ट्रेलिया की ऐंजलिना थीं. गीता फोगाट ने 55 किलोग्राम महिला कुश्‍ती में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था.


फिल्म में गीता के कोच के रूप में प्रमोद कदम को दिखाया गया है, जबकि गेम्स के दौरान महिला टीम के कोच प्यारा राम सोंधी थे. फिल्म में कोच के किरदार को नेगेटिव दिखाया गया है. लेकिन असल में वो ऐसे कोच नहीं हैं. महावीर फोगट और सोंधी के बीच किसी तरह की कोई दरार नहीं थी. गीता भारत की पहली ऐसी भारतीय महिला पहलवान हैं, जिन्‍होंने 2012 लंदन ओलंपिक में क्‍वालीफाई किया था

फाइनल बाउट में कपड़े का रंग अलग
कॉमनवेल्थ गेम में जब गीता फाइनल मुकाबले में उतरी तो उनके कपड़े का रंग नीला था. लेकिन फिल्म के दौरान गीता ने नीले रंग के कपड़े तो पहने हैं लेकिन शेड पूरी तरह अलग है.

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