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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयार गोल्ड कोस्ट, 1823 तक रहा था दुनिया से दूर

1823 तक यह भाग दुनिया से दूर था, लेकिन जॉन ओक्सेल ने मेर्मेड बीच को ढूंढ़ा और फिर धीरे-धीरे यहां लोगों की चहल-पहल बढ़ती चली गई. 1874 में साउथपोर्ट की स्थापना की गई, जिसने बाद में एक पर्यटक स्थल की पहचान पाई.

गोल्ड कोस्ट गोल्ड कोस्ट

ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड प्रांत में बसा एक खूबसूरत शहर गोल्ड कोस्ट इस समय चर्चा में है. समुद्र के किनारे स्थित यह शहर 21वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहा है, जो बुधवार से शुरू हो रहे हैं. यह शहर राज्य की राजधानी ब्रिस्बेन के दक्षिण-दक्षिण पूर्व क्षेत्र में बसा हुआ है. 414.3 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल वाले इस शहर की जनसंख्या 2016 की जनगणना के मुताबिक 638,090 लाख है.

यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहरों में से छठे नंबर पर है. वहीं, गैर राजधानी वाले शहरों में यह शहर सबसे बड़ा शहर है. यह ऑस्ट्रेलिया के पर्यटक स्थलों में शामिल हैं, जहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं. इस शहर की खासियत यहां का खुशनमा मौसम और बीच हैं, जहां सर्फर अपना स्वर्ग पाते हैं.

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1823 तक यह भाग दुनिया से दूर था, लेकिन जॉन ओक्सेल ने मेर्मेड बीच को ढूंढ़ा और फिर धीरे-धीरे यहां लोगों की चहल-पहल बढ़ती चली गई. 1874 में साउथपोर्ट की स्थापना की गई, जिसने बाद में एक पर्यटक स्थल की पहचान पाई.

यहां पाए जाने वाले रेड केडर नामक पेड़ जिसे टूना सिआटा के नाम से भी जाना जाता है, 19वीं शताब्दी के मध्य में इस पेड़ की मांग ने यहां लोगों को आकर्षित किया. वहीं, 1920 में सर्फर पैराडाइज की स्थापना के बाद गोल्ड कोस्ट ने विश्व पटल पर अपनी पहचान को और आगे पहुंचा दिया.

अपनी शानदार पृष्टभूमि के कारण गोल्ड कोस्ट में फिल्मों की शूटिंग आम बात है. इस समय यह शहर काफी व्यस्त है, क्योंकि राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी इस सौंपी गई है, जहां 71 देश और टैरेटरी के खिलाड़ी हिस्सा लेने आ रहे हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों के कारण इस शहर का पर्यटन भी काफी निखरकर सामने आएगा, क्योंकि दुनियाभर से लोग यहां खेल देखने और यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचेंगे.

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