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कॉमनवेल्थ गेम्स-2018: मेडल की जंग में उतरेंगे भारत के 227 खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चार से 15 अप्रैल के बीच होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 227 खिलाड़ी भाग लेंगे जिनमें 27 निशानेबाज भी शामिल हैं. जिनके 2022 में होने वाले खेलों में भाग लेने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स 2018

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चार से 15 अप्रैल के बीच होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 227 खिलाड़ी भाग लेंगे जिनमें 27 निशानेबाज भी शामिल हैं. जिनके 2022 में होने वाले खेलों में भाग लेने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए आधिकारिक पोशाक के अनावरण के अवसर पर उम्मीद जताई कि भारत ग्लास्गो में 2014 में हुए खेलों की तुलना में इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगा. बत्रा ने कहा, ‘हम ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चार से 15 अप्रैल के बीच होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 227 सदस्यीय दल भेज रहे हैं जो भारत का इन खेलों में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा दल होगा.'

ग्लास्गो में भारत के 215 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था

भारत ने नई दिल्ली में 2010 में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में 619 खिलाड़ी उतारे थे और तब उसने 38 स्वर्ण सहित 101 पदक जीते थे. इसके चार साल बाद ग्लास्गो में भारत के 215 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिन्होंने 15 स्वर्ण सहित 64 पदक जीते थे. बत्रा ने कहा, ‘हमारी कुछ टीमें गोल्ड कोस्ट में अभ्यास कर रही हैं जिनमें भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल शामिल हैं. कुछ टीमें जल्द वहां के लिए रवाना हो जाएंगी जबकि बाकी टीमें मार्च के आखिर तक पहुंच जाएंगी. गोल्ड कोस्ट में खेल गांव 27 मार्च को खुल जाएगा.' उन्होंने कहा, ‘हमने ग्लास्गो में 64 पदक जीते थे, लेकिन इस बार हमें इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. हम खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हैं.'

2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में बरकरार रखी जाएगी शूटिंग 

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इस बार हर देश के लिए प्रत्येक खेल में कोटा तय किया है. भारत एथलेटिक्स में सर्वाधिक 37 सदस्यीय दल भेजेगा, हालांकि पहले उसके लिए 32 सदस्यों का कोटा तय किया गया था. इसके अलावा हॉकी में 36 और निशानेबाजी में 27 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. निशानेबाजी में भारत का कोटा 30 से घटाकर 27 कर दिया गया है और 2022 में इस खेल के बने रहने को लेकर भी अनिश्चितता भी बनी हुई है. हालांकि इस अवसर पर उपस्थित खेल मंत्री और ओलंपिक रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने आशा व्यक्त की कि कॉमनवेल्थ गेम्स में यह खेल बना रहेगा. राठौड़ ने कहा, ‘इस संदर्भ में सीजीएफ को पत्र भेजा गया है. हम अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रहे हैं कि इस खेल को कॉमनवेल्थ गेम्स में बनाया रखा जाए. इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं किया गया है.'

खिलाड़ियों की पोशाक का हुआ अनावरण

आईओए महासचिव राजीव मेहता ने भी कहा कि निशानेबाजी को अभी 2022 खेलों से बाहर नहीं किया गया है. उन्होंने कहा, ‘आईओए ने निशानेबाजी को राष्ट्रमंडल खेलों में बनाये रखने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेगा. अभी अक्तूबर में बैठक होनी है जिसमें इस पर चर्चा की जाएगी.’ इस अवसर पर खिलाड़ियों की पोशाक का भी अनावरण किया गया. पहली बार महिला खिलाड़ी भी पुरुष खिलाड़ियों की तरह गहरे नीले रंग की सूट में दिखेंगी.

कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग नहीं लेंगी दीपा करमाकर

इस मौके पर खेल मंत्री ने स्टार निशानेबाज जीतू राय, बैडमिंटन खिलाड़ी एच एस प्रणय, पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह , महिला हाकी टीम की कप्तान रानी रामपाल, हॉकी खिलाड़ी रुपिंदर पाल सिंह, सविता पूनिया, निशानेबाज अनुराज सिंह, अनीश, जिम्नास्ट दीपा करमाकर, मोहम्मद बाबी, गौरव कुमार और प्रणिता दास को पोशाक सौंपी. दीपा हालांकि चोटिल होने के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं लेगी. रियो ओलंपिक में प्रत्येक खिलाड़ी का एक करोड़ रुपये का बीमा करने वाले एडिलवाइज टोकियो लाइफ इन्स्योरेन्स ने राष्ट्रमंडल खेलों में प्रत्येक खिलाड़ी का 50 लाख रुपये का जीवन बीमा करने की भी घोषणा की. एडिलवाइज इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के अलावा 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए भी भारतीय दल का प्रायोजक होगा.

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