भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिये ऑस्ट्रेलियाई अंतिम एकादश में जगह पाने से हैरान हरफनमौला मोइजेस हेनरिक्स ने कहा कि उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी तकनीक उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के अनुकूल हैं और वह इसका अधिक से अधिक फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.
आईपीएल में खेल चुके हेनरिक्स ने कहा, ‘जब मैं युवा गेंदबाज था तो मैं अपनी पूरी ताकत लगाता था. मैं कई बार चोटिल हुआ और मैंने अपने शरीर के अनुरूप बदलाव किये. मैं लगातार एक जैसी लेंथ से गेंदबाजी करने की तथा कुछ मूवमेंट और रिवर्स हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं. मैं समझता हूं कि यहां के हालात में ऐसा किया जा सकता है.’
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मेरी बल्लेबाजी के लिये भी योजना है. मैं अभ्यास मैचों में भारतीय स्पिनरों को दबाव में रखना चाहता था. वहां ऐसा करना सही था. दुर्भाग्य से मैंने वहां सुनहरा अवसर गंवाया.’ हेनरिक्स को भारत में वनडे और आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलने का अनुभव है लेकिन उन्होंने कहा कि टेस्ट पूरी तरह से अलग तरह का प्रारूप है.
उन्होंने कहा, ‘मैं यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हूं और मैंने उसके लिये रणनीति बनायी है. लेकिन टी20 का विकेट पूरी तरह से भिन्न होता है तथा छोटे प्रारूप में बहुत अधिक स्पिन नहीं मिलती. मैं समझता हूं कि टेस्ट मैच के लिये यहां की परिस्थितियां पूरी तरह भिन्न होंगी.’
हेनरिक्स चेन्नई में होने वाले पहले टेस्ट मैच से इस प्रारूप में पदार्पण करेंगे और वह इससे बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा ,‘यह अद्भुत अहसास है. मुझे बेताबी से पहले टेस्ट का इंतजार है. यह इतनी जल्दी हो गया. मैंने इस प्रथम श्रेणी सत्र की शुरुआत में यह लक्ष्य रखा भी नहीं था.’ हेनरिक्स को हरफनमौला ग्लेन मैक्सवेल पर तरजीह दी गई है. उन्होंने कहा कि बुधवार रात उन्हें चयन के बारे में पता चला,
उन्होंने कहा, ‘कोच मिकी आर्थर ने मेरे कमरे में आकर मुझे यह खबर सुनाई. मैने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे इतनी जल्दी मौका मिलेगा.’