scorecardresearch
 
Advertisement
खेल

बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी

बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 1/11
वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटिगा में खेले गए पहले टेस्ट मैच में बुमराह ने मैच की दूसरी पारी में मात्र सात रन देकर पांच विकेट चटकाए. उनकी इस शानदार गेंदबाजी के आगे वेस्टइंडीज की टीम भारत के 419 रन के लक्ष्य के आगे 100 रन पर ढेर हो गई और भारत ने इस मैच को 318 रनों से जीत लिया. भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में टेस्ट में पांच विकेट लेने वाले पहले एशियाई गेंदबाज बन गए हैं. बुमराह ने इन चार देशों का पहली बार दौरा किया, जहां उन्होंने टेस्ट में पहली पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 2/11
इंटरनेशनल क्रिकेट में धूम मचा रहे जसप्रीत बुमराह की पर्सनल लाइफ उतनी सिंपल नहीं रही है. जसप्रीत बुमराह अपनी मां और परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं. उनके पिता का निधन तब हो गया था जब वह सिर्फ 7 साल के थे.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 3/11
बुमराह के दादाजी संतोक सिंह बुमराह उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रहने वाले थे वह ऑटो चला कर अपना जीवन-यापन करते थे और वहां किराए के मकान में रहते थे.
Advertisement
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 4/11
कभी गुजरात के अहमदाबाद में बटवा इंडस्ट्रियल स्टेट में बुमराह के दादाजी संतोख सिंह का जलवा था और वह महंगी कारों और हवाई जहाज में सफर किया करते थे. अहमदाबाद में उनकी तीन फैक्ट्रियां, जेके इंडस्ट्रीज़, जेके मशीनरी इकोमेंट प्राइवेट लिमिटेड और जेके इकोमेंट थीं. इसके अलावा उनकी दो सिस्टर कंसर्न गुरुनानक इंजीनियरिंग वर्क्स और अजीत फैब्रीकेटर भी थीं.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 5/11
सारा कारोबार क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह के पिता जसवीर सिंह संभालते थे. वर्ष 2001 में जसप्रीत बुमराह के पिता व अपने बेटे की बीमारी से मौत पर संतोख सिंह टूट गए और फैक्ट्रियां भी आर्थिक संकट से घिर गई. जिसके बाद जसप्रीत बुमराह की मां परिवारिक दिक्कतों की वजह से घर से अलग हो गई थीं. आज जसप्रीत बुमराह देश के बड़े क्रिकेटर बन गए हैं.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 6/11
दिसंबर 2017 में बुमराह के दादाजी संतोख सिंह बुमराह का शव अहमदाबाद में बरामद किया गया था. 84 वर्षीय संतोख सिंह उत्तराखंड से जसप्रीत से मिलने अहमदाबाद आए थे. संतोख सिंह अहमदाबाद में अपनी बेटी और जसप्रीत की बुआ रविंदर कौर के घर पर रुके थे. रविंदर कौर के अनुसार जसप्रीत की मां ने अपने बेटे को दादा से मिलने नहीं दिया. वे किसी को भी उनसे मिलने नहीं देती थी. संतोख सिंह और जसप्रीत की मां की कथित तौर पर अनबन है जिसके चलते उन्हें जसप्रीत से मिलने नहीं दिया गया.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 7/11
बुमराह की बुआ का दावा था कि बुमराह की मां ने उनके पिता को अपने पोते से मिलने नहीं दिया गया. बता दें कि राजेंदर कौर का कहना था कि जसप्रीत बुमराह की मां जिस स्कूल में पढ़ाती हैं वहां भी वह मुलाकात के लिए गए थे. जिस वक्त जसप्रीत बुमराह के दादाजी का शव मिला उस वक्त बुमराह टीम इंडिया की तरफ से धर्मशाला में मैच खेल रहे थे.
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 8/11
बुमराह ने 2016 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और जल्द ही वह अपने अंतिम के ओवरों में लगातार यॉर्कर फेकने की काबिलियत की वजह से भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाज बन गए. अपने डेब्यू वर्ष 2016 में ही बुमराह ने टी-20 में सबसे ज्यादा 28 शिकार किए. आज वह वनडे की गेंदबाजी रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं.

बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 9/11
आईपीएल 2013 में मुंबई इंडियंस ने जब बुमराह को 1.2 करोड़ में खरीदा तो सभी को आश्चर्य हुआ पर अपनी यॉर्कर गेंदों से बुमराह ने सभी का दिल जीत लिया और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
Advertisement
बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 10/11
आईपीएल करियर में बुमराह का पहला शिकार विराट कोहली बने थे. अपने विशेष एक्शन और यॉर्कर के कारण चर्चा में आए बुमराह ने आईपीएल 2013 में डेब्यू किया था. बुमराह को अपना पहला आईपीएल विकेट विराट कोहली के रूप में मिला.

बुमराह के दादा चलाते थे ऑटो, मौत की वजह से ख्वाहिश रह गई अधूरी
  • 11/11
4 अप्रैल 2013 को RCB के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए IPL मैच में बुमराह ने कोहली को 24 रनों के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया था.
Advertisement
Advertisement