scorecardresearch
 

Samar Badru Banerjee Dies: नहीं रहे फुटबॉल लीजेंड समर 'बद्रू' बनर्जी, ओलंपिक में टीम इंडिया के रहे थे कैप्टन

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान समर 'बद्रू' बनर्जी का अब हमारे बीच में नहीं रहे. समर 'बद्रू' बनर्जी ने मोहन बागान के लिए लंबे समय तक फुटबॉल खेला. उन्होंने मोहन बागान को डूरंड कप, रोवर्स कप समेत कई खिताब जीतने में मदद की. साल 1962 में कोच के रूप में वह पश्चिम बंगाल को संतोष ट्रॉफी जिताने में सफल रहे.

Advertisement
X
समर बनर्जी (@Aajtak)
समर बनर्जी (@Aajtak)

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान समर 'बद्रू' बनर्जी का निधन हो गया है. 92 साल के समर बद्रू ने लंबी बीमारी के बाद शनिवार को कोलकाता के एसएसकेएम हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. समर 'बद्रू' बनर्जी ने 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में उस भारतीय टीम का भी नेतृत्व किया था जो चौथे स्थान पर रही थी. 'बद्रू दा' के नाम से मशहूर समर 'बद्रू' बनर्जी अल्जाइमर, एजोटेमिया और उच्च रक्तचाप से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे.

उन्हें कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद 27 जुलाई को एमआर बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मोहन बागान के सचिव देबाशीष दत्ता ने बताया, 'उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास की देखरेख में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने तड़के करीब दो बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली.'

देबाशीष दत्ता ने अपने शोक संदेश में कहा, 'वह हमारे प्रिय 'बद्रू दा' थे और हमने उन्हें 2009 में मोहन बागान रत्न से नवाजा था। यह हमारे लिए एक और बड़ी क्षति है.' उनके पार्थिव शरीर को बाद में मोहन बागान क्लब में लाया गया जहां सदस्यों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

1956 में भारत का रहा बेस्ट प्रदर्शन

भारतीय फुटबॉल टीम ने अब तक केवल तीन ओलंपिक में भाग लिया है, जिसमें 1956 के ओलंपिक में उसका प्रदर्शन सबसे बेस्ट रहा था. उस ओलंपिक में पहले दौर में वॉकओवर पाने के बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराया. उस टीम में पीके बनर्जी, नेविल डिसूजा और जे 'किट्टू' कृष्णास्वामी भी थे.

Advertisement

डिसूजा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में शानदार हैट्रिक लगाई. टीम को सेमीफाइनल में यूगोस्लाविया से 1-4 से हारकर फाइनल में जगह बनाने में विफल रही. फिर कांस्य पदक के प्ले आफ में बुल्गारिया से 0-3 से हारकर चौथे स्थान पर रही. उस युग को भारतीय फुटबॉल का 'स्वर्णिम युग' कहा जाता है.

मोहन बागान को दिलाई कई कामयाबी

समर 'बद्रू' बनर्जी ने मोहन बागान के लिए लंबे समय तक फुटबॉल खेला. उन्होंने मोहन बागान को डूरंड कप (1953), रोवर्स कप (1955) सहित कई खिताब जीतने में मदद की. यही नहीं साल 1962 में कोच के रूप में वह पश्चिम बंगाल को संतोष ट्रॉफी जिताने में सफल रहे. वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ता भी रहे.

 

TOPICS:
Advertisement
Advertisement