भारतीय फुटबॉल के सबसे ऐतिहासिक क्लबों में शामिल ईस्ट बंगाल ने आखिरकार 22 साल का इंतजार खत्म कर दिया. गुरुवार को कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए मुकाबले में इंटर काशी को 2-1 से हराकर ईस्ट बंगाल पहली बार इंडियन सुपर लीग (ISL) का चैम्पियन बन गया.
लाल-होलुद टीम (ईस्ट बंगाल का लोकप्रिय उपनाम ) ने आखिरी लीग मुकाबले में दबाव के बीच शानदार वापसी की और देश की टॉप-टियर फुटबॉल लीग का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच खत्म होते ही स्टेडियम में हजारों ईस्ट बंगाल समर्थकों का जश्न फूट पड़ा.
দীর্ঘ ২২ বছরের অপেক্ষার অবসান, ভারতসেরা ইস্টবেঙ্গল এফসি! 🔴🟡#EastBengalFC #ISL12 #ISLChampions pic.twitter.com/sUOA77tZi5
— Indian Super League (@IndSuperLeague) May 21, 2026
इस सीजन ISL का खिताब आखिरी दौर तक बेहद रोमांचक बना रहा. ईस्ट बंगाल और मोहनबागान सुपर जायंट दोनों 23 अंकों के साथ बराबरी पर थे. हालांकि ईस्ट बंगाल का गोल अंतर +18 था, जबकि मोहनबागान +13 पर था. यही अंतर आखिर में निर्णायक साबित हुआ.
खिताब की दौड़ में मुंबई सिटी FC, पंजाब FC और जमशेदपुर FC भी बने हुए थे, लेकिन अंतिम दिन ईस्ट बंगाल ने बाजी मार ली. दूसरी ओर मोहनबागान ने युवा भारती क्रीड़ांगन में स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-1 से हराया, लेकिन वह ट्रॉफी नहीं जीत सका. वहीं मुंबई FC ने पंजाब FC को 2-0 से हराया, जबकि ओडिशा FC और जमशेदपुर FC का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा.
मुकाबले की शुरुआत ईस्ट बंगाल के लिए खराब रही. इंटर काशी ने 15वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. अल्फ्रेड ने शानदार फर्स्ट-टाइम फिनिश के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर ईस्ट बंगाल को दबाव में डाल दिया. पहले हाफ में ईस्ट बंगाल ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी.
What a moment to be alive if you bleed Red and Gold! 😍
— Indian Super League (@IndSuperLeague) May 21, 2026
Mo Rashid, the captain, scores the goal to give East Bengal FC their first League title in 22 years. 👏
#ISL12 #KSHIEBFC #ISLChampion #JoyEastBengal pic.twitter.com/ZpwNvVriRK
दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने जोरदार वापसी की. 50वें मिनट में स्टार स्ट्राइकर यूसेफ एजेज्जारी ने बराबरी का गोल दागा. स्पेन में जन्मे और मोरक्को की युवा टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके 33 वर्षीय एजेज्जारी ने मैच में पहले गंवाए मौकों की भरपाई शानदार अंदाज में की.
एजेज्जारी ने इस सीजन 13 मैचों में 11 गोल दागे और गोल्डन बूट भी अपने नाम किया. इसके बाद 73वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने ईस्ट बंगाल के लिए विजयी गोल दागकर मैच पूरी तरह पलट दिया. राशिद के गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद लाल-होलुद फैंस जश्न में डूब गए.
ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2003-04 सीजन में तत्कालीन नेशनल फुटबॉल लीग का खिताब जीता था. उस समय टीम के कोच दिवंगत सुभाष भौमिक थे. अब 22 साल बाद क्लब ने फिर देश की सबसे बड़ी लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
इस बार ISL का फॉर्मेट भी बदला हुआ था. प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलावों के कारण टूर्नामेंट को सिंगल-लेग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया. सभी टीमों ने 13-13 मैच खेले और कोई प्लेऑफ नहीं हुआ. ऐसे में लीग टेबल में शीर्ष पर रहने वाली टीम को सीधे चैम्पियन घोषित किया गया.
ईस्ट बंगाल ने पूरे सीजन में लगातार दमदार प्रदर्शन किया और आखिरकार ट्रॉफी जीतकर अपने करोड़ों समर्थकों का इंतजार खत्म कर दिया.