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मोहन बागान

मोहन बागान

मोहन बागान

मोहन बागान (Mohun Bagan) SG, जिसे आमतौर पर मोहन बागान के नाम से जाना जाता है, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित एक भारतीय प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब है. इस क्लब की स्थापना 1889 में मोहन बागान स्पोर्टिंग क्लब के रूप में हुई थी, जिसे बाद में बदलकर मोहन बागान एथलेटिक क्लब कर दिया गया. यह एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल क्लबों में से एक है. यह क्लब इंडियन सुपर लीग में खेलता है, जो भारतीय फुटबॉल लीग सिस्टम का टॉप टियर है. 

मोहन बागान भारत का सबसे सफल क्लब है, जिसने अपने 135 साल के इतिहास में रिकॉर्ड कुल 265 ट्रॉफियां जीती हैं. उन्होंने अपने फुटबॉल इतिहास में 5000 से ज्दाया मैच जीते हैं, जो किसी भी एशियाई क्लब के लिए सबसे ज्यादा है. यह क्लब 1911 के IFA शील्ड फाइनल में ईस्ट यॉर्कशायर रेजिमेंट पर अपनी जीत के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है, क्योंकि इस खिलाड़ी नंगे पैर खेले थे. इस जीत ने मोहन बागान को किसी ब्रिटिश क्लब पर चैंपियनशिप जीतने वाला पहला पूरी तरह से भारतीय क्लब बनाया और यह भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान एक बड़ा पल था.

मोहन बागान ने रिकॉर्ड 7 इंडियन लीग खिताब जीते हैं - नेशनल फुटबॉल लीग 3 बार, आई-लीग 2 बार और इंडियन सुपर लीग शील्ड 2 बार. वे फेडरेशन कप के इतिहास में सबसे सफल भारतीय क्लब हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड 14 बार चैंपियनशिप जीती है. क्लब ने कई अन्य ट्रॉफियां भी जीती हैं, जिसमें ISL प्लेऑफ (जिसे ISL कप भी कहा जाता है) 2 बार, डूरंड कप रिकॉर्ड 17 बार, इंडियन सुपर कप 2 बार, IFA शील्ड 23 बार, रोवर्स कप रिकॉर्ड 14 बार और कलकत्ता फुटबॉल लीग 30 बार शामिल हैं.

मोहन बागान ने ट्रेड्स कप रिकॉर्ड 11 बार, सिक्किम गोल्ड कप रिकॉर्ड 10 बार, बोरदोलोई ट्रॉफी रिकॉर्ड 7 बार और ऑल एयरलाइंस गोल्ड कप रिकॉर्ड 8 बार भी जीता है. मोहन बागान द्वारा जीती गई पहली ट्रॉफी 1904 में कूच बिहार कप थी, जिसे उन्होंने रिकॉर्ड 18 बार जीता है.

2024-25 इंडियन सुपर लीग में, मोहन बागान लीग शील्ड और 7वां इंडियन लीग खिताब सफलतापूर्वक बचाने वाला पहला क्लब बन गया. मोहन बागान ने पहली बार लीग और कप दोनों जीते. उसी सीज़न में, मोहन बागान 50 सीज़नल पॉइंट्स पार करने वाला पहला ISL क्लब बन गया.

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