बुधवार को शशांक मनोहर ने आईसीसी चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था. मनोहर ने इस्तीफे देने का कोई खास कारण तो नहीं बताया लेकिन निजी कारणों का हवाला देकर उन्होंने इस्तीफा दिया. शशांक 2016 में निर्विरोध आईसीसी चेयरमैन चुने गये थे, उनका कार्यकाल दो साल के लिए था. लेकिन 8 महीने बाद ही उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया.
क्या हो सकता है कारण?
शशांक मनोहर के इस्तीफे के पीछे अगर कोई कारण समझ आता है तो वह है उनका आईसीसी की सत्ता को 'बिग थ्री' को विकेंद्रीकरण करना. इस बिग थ्री में आते हैं. इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक कुल चार देशों के बोर्ड इस फैसले का विरोध कर रहे थे, इसमें बीसीसीआई के साथ श्रीलंका, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे शामिल थे. बीसीसीआई की ओर से बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी इसकी अगुवाई कर रहे थे.
भारत और श्रीलंका ने किया था विरोध
गौरतलब है कि आईसीसी की आखिरी मीटिंग में इस नियम को पास किया गया, जिसमें सिर्फ बीसीसीआई और श्रीलंका ने इस फैसले का विरोध किया था. लेकिन प्रस्ताव को ब्लॉक करवाने में चार देशों का समर्थन जरुरी था. जिसके बाद भारत, श्रीलंका के साथ बांग्लादेश और जिम्बाब्वे एक साथ आए हैं.