टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया था. अब भारत दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने लगातार दो बार टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की है. साल 2024 में रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया था. वहीं साल 2026 में सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी जीतने में कामयाबी हासिल की. हालांकि, भारत की इस जीत के सबसे बड़े हीरो संजू सैमसन रहे थे.
टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों से बाहर थे संजू
टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज खेली गई थी. उस सीरीज में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन पूरी तरह से फ्लॉप रहे थे. इसके बावजूद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में शामिल किया गया. हालांकि, शुरुआती मुकाबलों में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन जब उनकी टीम में वापसी हुई तो उन्होंने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
रोहित की बात पर संजू को नहीं था यकीन
शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने के बाद पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने संजू को दिलासा दिया था कि उनका समय जरूर आएगा. लेकिन रोहित शर्मा की इस बात पर संजू को बिल्कुल भी भरोसा नहीं था. हाल ही में जियोस्टार को दिए एक इंटरव्यू में संजू ने बताया कि ईमानदारी से कहूं तो उस समय मुझे रोहित भैया की बात पर विश्वास नहीं हुआ था. सॉरी... वो शायद अपने अनुभव या दिल से बोल रहे थे, लेकिन उस दिन मैं वो नहीं देख पा रहा था जो वो देख रहे थे. मेरा चेहरा देखकर कोई भी बता सकता था कि मैं निराश था.
When Hitman gets going, records don't stand a chance! 👊🔥
— Star Sports (@StarSportsIndia) July 19, 2026
Rohit Sharma produced a knock for the ages at Lord's. 🫡🙌#ENGvIND #INDvsENG | (Rohit Sharma, Virat Kohli, Lords, Sam Curran, Gautam Gambhir) pic.twitter.com/3BnfyPbJtZ
ब्रेक मिलने का संजू को हुआ फायदा
न्यूजीलैंड सीरीज के बाद टीम में जगह नहीं मिलने का मलाल संजू पर हावी था. उन्होंने बताया कि किसी भी बड़े झटके से उबरने में उन्हें कम से कम एक हफ्ता लगता है. वर्ल्ड कप के शुरुआती 4-5 दिनों तक वह मानसिक रूप से काफी संघर्ष कर रहे थे. हालांकि, इस नाकामी ने उन्हें खुद के भीतर झांकने का मौका दिया. उन्होंने खुद से सवाल किया कि मैंने क्रिकेट खेलना क्यों शुरू किया था? मेरा मकसद क्या है?
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मैच विनिंग परफॉर्मेंस को लेकर क्या बोले संजू
टी 20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल मैच में संजू सैमसन ने टीम के लिए मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी. आमतौर पर पावरप्ले के बाद आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले संजू ने उस दिन मैच की नब्ज को समझा. दूसरी छोर से लगातार गिरते विकेटों को देखते हुए उन्होंने अपनी रणनीति बदली. संजू ने बताया कि क्रिकेट ही आपका सबसे बड़ा शिक्षक है. उस मैच में जब भी मैं बड़े शॉट्स खेलने की सोचता, दूसरे छोर से विकेट गिर जाता. तब मुझे अहसास हुआ कि खेल खुद बताता है कि आपको क्या करना है.
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आखिरी सांस तक याद रहेगा वो लम्हा
50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की धमाकेदार पारी के बाद संजू के जश्न की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं. इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह बेहद धार्मिक व्यक्ति हैं. कई शॉट्स ऐसे थे जिन्हें देखकर वह खुद हैरान थे. संजू के मुताबिक यह जश्न किसी जीत का घमंड नहीं, बल्कि आभार था. मैं बस एक जरिया था कि टीम के काम आ सका. वो लम्हा मेरी आखिरी सांस तक मेरे साथ रहेगा.