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OPINION: रविचंद्रन अश्विन मौजूदा दौर के लीजेंड हैं, ये मानने में दिक्कत क्या है?

मैच शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई खेमे में जिस तरह का खौफ अश्विन को लेकर था, ऐसा लंबे वक्त में शायद ही किसी भारतीय स्पिनर/बॉलर को लेकर देखा गया हो. हाल तो ये था कि ऑस्ट्रेलिया ने रविचंद्रन अश्विन की तरह बॉलिंग करने वाले एक भारतीय स्पिनर को अपना नेट बॉलर बना लिया था.

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रविचंद्रन अश्विन
रविचंद्रन अश्विन

फरवरी, 2021 में इंग्लैंड की टीम भारत में टेस्ट सीरीज खेल रही थी. विराट कोहली टीम इंडिया के कप्तान थे और अहमदाबाद में जब टेस्ट मैच खत्म हुआ और भारत की जीत हुई तब उन्होंने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में एक बात कही जिसकी काफी चर्चा हुई. विराट कोहली ने कहा, ‘रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, हमें उसे मानना चाहिए. टेस्ट क्रिकेट में वह मॉडर्न-डे लीजेंड हैं.’ विराट कोहली की इस बात को अब 2 साल हो गए हैं और कमाल की बात ये है कि अभी भी इस बात से ताल्लुक ना रखने वाले कई लोग हैं.

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2023 के पहले टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन ने कुल 8 विकेट निकाले. इसी टेस्ट में उन्होंने एक और नया मुकाम हासिल किया. टेस्ट क्रिकेट में अश्विन के 450 विकेट पूरे हो गए हैं, वह सबसे तेज 450 विकेट लेने वाले बॉलर भी बने हैं क्योंकि उन्हें ऐसा करने के लिए सिर्फ 89 टेस्ट मैच ही लगे हैं, जो किसी भी अन्य खिलाड़ी से कम थे. 

मैच शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई खेमे में जिस तरह का खौफ अश्विन को लेकर था, ऐसा लंबे वक्त में शायद ही किसी भारतीय स्पिनर/बॉलर को लेकर देखा गया हो. हाल तो ये था कि ऑस्ट्रेलिया ने रविचंद्रन अश्विन की तरह बॉलिंग करने वाले एक भारतीय स्पिनर को अपना नेट बॉलर बना लिया था. डुप्लीकेट बॉलर का एक्शन भले ही रविचंद्रन अश्विन के जैसा हो, लेकिन वो हुनर और अनुभव तो असली अश्विन के पास ही है. 

खैर, सोशल मीडिया के इस जमाने में कुछ भी छुपता नहीं. आपने कभी भी कुछ भी कहा हो, किसी ना किसी मौके पर सब निकलकर बाहर आता है. संयोग कुछ ऐसा बन ही जाता है, टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर संजय मांजरेकर नागपुर टेस्ट में कमेंट्री कर रहे थे. जब रविचंद्रन अश्विन ने इतिहास रच दिया तो सोशल मीडिया पर फैन्स ने संजय मांजरेकर के एक पुराने ट्वीट को खंगाला. 

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6 जून 2021 को संजय मांजरेकर ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑल टाइम ग्रेट जैसी तारीफ और तवज्जो देना किसी भी क्रिकेटर के लिए सबसे बड़ी चीज़ है. डॉन ब्रैडमैन, गैरी सॉबर्स, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे कई खिलाड़ी मेरी किताब में ऑल टाइम ग्रेट हैं. पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहता हूं कि अश्विन अभी इस लिस्ट तक नहीं पहुंचे हैं. 

संजय मांजरेकर का ट्वीट

संजय मांजरेकर ने तो एक बार स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को लेकर भी ट्वीट किया था और कुछ इसी तरह की बात की थी. नागपुर टेस्ट में रवींद्र जडेजा प्लेयर ऑफ द मैच बने और संजय मांजरेकर उनका इंटरव्यू ले रहे थे. अगर रविचंद्रन अश्विन की ही बात करें तो उनको लेकर यही कहा जाता है कि उनकी वजह से हरभजन सिंह का करियर जल्दी खत्म हो गया. पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कई बार ऐसी बातें कह जाते हैं जिनमें रविचंद्रन अश्विन को कम तवज्जो दी जाती है. फैन्स ने कई बार इसका जिक्र सोशल मीडिया पर भी किया है.

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच से पहले जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और मीडिया द्वारा रविचंद्रन अश्विन को लेकर हौवा बनाया जा रहा था. तब हरभजन सिंह ने कहा था कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पिच को लेकर ज्यादा डर रहे हैं. तब फैन्स ने माना कि भज्जी यहां भी अश्विन को कमतर आंकने पर तुले हुए है. ये सिर्फ कुछ उदाहरण हैं, जो आगे भी जोड़े जा सकते हैं. 

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हरभजन सिंह का ट्वीट

लेकिन क्रिकेट कल्चर को लेकर यह दिक्कत रही है कि किसी बॉलर को मैच विनर या लीजेंड मानने में ज़रा देर ही लगती है. तभी किसी बॉलर को आईपीएल हो या टेस्ट क्रिकेट, कहीं भी प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलना मुश्किल लगता है. आप और हम चाय की टपरी पर बात करते हैं कि यार, उसे अवॉर्ड मिलना चाहिए था लेकिन ऐसा कम ही होता है. क्योंकि क्रिकेट में अभी भी बल्लेबाज को ही बलवान माना जाता है. 

आंकड़ों में तो अश्विन लीजेंड हैं... 
ऐसा नहीं है कि रविचंद्रन अश्विन के आंकड़े कोई कम हों और मौजूदा दौर के एक्टिव क्रिकेटर्स में देखें तो वह सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में टॉप में ही शामिल होंगे. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में भी वह अब टॉप-10 में आ गए हैं. भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में वह नंबर-2 पर हैं.

सिर्फ विकेट ही क्यों, रविचंद्रन अश्विन के नाम पर 5 टेस्ट शतक हैं. कितने ही प्लेयर होंगे, जिनके नाम 3 हजार टेस्ट रन, 450 से अधिक विकेट और 5 टेस्ट शतक भी होंगे. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसे तीन ही खिलाड़ी हैं, जिनके नाम के आगे 450 से अधिक टेस्ट विकेट और 3000 से अधिक टेस्ट रन हों. इनमें अश्विन ही ऐसे हैं, जिनके नाम 5 टेस्ट शतक हैं.

•    स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड)- 159 मैच, 3550 रन, 1 शतक, 566 विकेट
•    शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया)- 145 मैच, 3154 रन, 0 शतक, 708 विकेट
•    रविचंद्रन अश्विन (भारत)- 89 मैच, 3066 रन, 5 शतक, 457 विकेट

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रविचंद्रन अश्विन (PTI)

रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ एक तर्क यह भी दिया जाता है कि उनके अधिकतर विकेट भारत की पिचों पर ही आए हैं. लेकिन यह हर भारतीय बॉलर के साथ सच होता है या फिर किसी भी देश के क्रिकेटर के साथ, क्योंकि वह अपने घर की पिचों पर अधिक मैच खेलता है और अधिक बेहतर परफॉर्म करने वाला होता है. लेकिन ये भी याद रखा जाना चाहिए कि अश्विन के दौर में ही टीम इंडिया के पास सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजी का अटैक था जो विराट कोहली की कप्तानी में तैयार हुआ. विदेश में अधिकतर टीम इंडिया चार तेज गेंदबाजों के साथ ही मैदान में उतरती है और कई मौकों पर ऑलराउंडर भी तेज गेंदबाजों वाला ही होता है. 

ऐसे में रविचंद्रन अश्विन के मौके कम होते हैं, वहीं अगर बल्लेबाजी ऑलराउंडर की बात होती है तो रवींद्र जडेजा को भी तवज्जो दी जाती है क्योंकि वह बैटिंग ऑर्डर में एक लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज की तरह भी जुड़ते हैं. हालांकि, जितने मौके रविचंद्रन अश्विन को मिले वहां उनका औसत भारत के औसत से काफी अलग है और वह महंगे भी साबित हुए हैं. 

रविचंद्रन अश्विन- कुल टेस्ट 89
•    भारत में- 52 टेस्ट, 320 विकेट, 20.88 औसत
•    विदेश में- 36 टेस्ट, 133 विकेट, 32.06 औसत

रविचंद्रन अश्विन के आंकड़ों को देखें तो ऐसा कही नहीं लगता है कि वह टीम इंडिया के लीजेंड नहीं हैं. कई मौकों पर उन्होंने अकेले दम पर भारत को जीत दिलाई है, कई मौकों पर मैच अकेले दम पर पलटा है. कभी-कभी बल्ले से भी टीम के लिए वह संकटमोचक बने हैं, उन्हें टेस्ट टीम के कप्तान पद का दावेदार भी माना गया है. विराट कोहली द्वारा अश्विन की तारीफ में कहे गए शब्द बार-बार खुद को सही साबित करते हैं. 

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रविचंद्रन अश्विन (PTI)


आंकड़ों में रविचंद्रन अश्विन...
•    89 टेस्ट, 168 पारी, 457 विकेट, 24.05 औसत, 51.9 स्ट्राइक रेट
•    पारी में 5 विकेट- 31 बार, मैच में 10 विकेट- 7 बार, सर्वश्रेष्ठ- 59/7
•    कुल ओवर फेंके- 3965.5, रन दिए- 10991, मेडन फेंके- 808

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट (भारत) 
•    अनिल कुंबले- 132 टेस्ट, 619 विकेट
•    रविचंद्रन अश्विन- 89 टेस्ट, 457 विकेट
•    कपिल देव- 131 टेस्ट, 434 विकेट

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