भारतीय टी20 और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टी20 फार्मेट से अपने की अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और पूछा, ‘आखिर हमें क्यों जबरन खेल से बाहर करना चाहते हो?’ श्रीलंका को टी20 सीरीज के दूसरे मैच में 69 रनों के भारी अंतर से पीटकर श्रृंखला को 1-1 की बराबरी पर लाने के बाद मीडिया से मुखातिब भारतीय कप्तान ने मीडिया से यह बात कही.
से जब पूछा गया कि क्या उनका अपने गृह मैदान पर यह आखिरी टी20 मैच हो सकता है, उन्होंने इसे और पलटकर पूछा, ‘हमें आप क्यों जबरन खेल से बाहर करना चाहते हो?’ उन्होंने पूछा कि जब वह अभी इस फार्मेट में अच्छा खेल रहे हैं तो उनसे यह सवाल क्यों पूछा जा रहा है. आखिर जबरन उन्हें खेल से कुछ लोग क्यों बाहर करना चाहते हैं.
अपने घर पर खेलने का मजा ही कुछ और
धोनी ने अपने गृह मैदान रांची में अब तक अजेय रहने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि घर पर आना अच्छा लगता है और इसी बहाने अपने परिवार के साथ कुछ समय बिताने का मौका मिल जाता है. उन्होंने श्रीलंका को 69 रनों के बड़े अंतर से पीटने के बारे में कहा कि अपने घर पर खेलने का मजा ही कुछ और है और वहां सामान्य से अच्छा खेलना पड़ता है. हार्दिक पंड्या के अच्छे खेल और उन्हें मैच में अवसर दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर धोनी ने कहा कि टीम में खेलने का अवसर मिलना पंड्या के लिए एक बड़ा मौका था जिसका उन्होंने पूरा उपयोग किया.
'हेलीकॉप्टर समुद्र से नहीं उड़ाया जा सकता'
धोनी ने कहा कि इसी तरह का अवसर हम विश्व कप के पहले अन्य नए खिलाड़ियों को भी देना चाहेंगे लेकिन इसके लिए मैच और माहौल दोनों का इंतजार करना होता है. धोनी ने कहा कि पिच बहुत ही अच्छा था और यदि 19वें ओवर में तिसारा परेरा को हैट्रिक नहीं मिलती तो यहां दो सौ से अधिक रन भारत ने बनाए होते. धोनी ने हेलीकॉप्टर शॉट न खेल पाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उसके लिए अवसर और उसके लायक गेंद आनी आवश्यक होती है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘हेलीकॉप्टर समुद्र से न तो उड़ाया जा सकता है और न ही उसमें उतारा जा सकता है. उसके लिए सही स्थान होना आवश्यक है.