भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस बार भी अपनी पारंपरिक आस्था को नहीं भूले. धोनी ने रांची से 60 किलोमीटर दूर तमाड़ स्थित दिवड़ी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता से आशीर्वाद लिया. धोनी का इस मंदिर से खास जुड़ाव है और वे हमेशा किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले यहां आकर आशीर्वाद लेते हैं.
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में एमएस धोनी एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं. आगमी आईपीएल सीजन से पहले धोनी ने अपनी परंपरा को जारी रखते हुए खुद रांची से कार ड्राइव कर मंदिर पहुंचे. उनके साथ मंदिर के पुजारी मनोज पंडा मौजूद थे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई.
एमएस धोनी के पहुंचने पर फैन्स की संख्या अचानक बढ़ गई. जैसे ही लोगों ने उन्हें देखा, उनके आसपास भीड़ जुट गई और हर कोई उनसे सेल्फी लेने के लिए उत्सुक था. हालांकि, माही ने फैन्स को निराश नहीं किया और सहज भाव से उनके साथ सेल्फी लेने दिया. इस घटना ने मंदिर के माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया.
एमएस धोनी का दिवड़ी मंदिर से जुड़ाव वर्षों पुराना है. उन्होंने पहले भी कई बार टूर्नामेंट्स से पहले यहां आकर पूजा की है. उनका मानना है कि माता का आशीर्वाद उनके प्रदर्शन और टीम की सफलता के लिए विशेष रूप से मददगार साबित होता है. फैन्स के लिए भी यह अवसर खास था.
मंदिर में हुई इस पूजा और आशीर्वाद से क्रिकेट जगत में भी चर्चा शुरू हो गई. आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले धोनी की यह यात्रा उनके फैन्स के लिए उत्साह और प्रेरणा का स्रोत बनी. यह दर्शाता है कि भले ही क्रिकेट धोनी के लिए पेशेवर जीवन का हिस्सा हो, लेकिन उनकी आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाज हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं.
एमएस धोनी की यह पहल दर्शाती है कि भारतीय क्रिकेट में आस्था और खेल के बीच का संतुलन कितना महत्वपूर्ण हो सकता है. इस बार भी उनकी यह पूजा निश्चित रूप से उनके खेल और टीम की सफलता में सकारात्मक ऊर्जा जोड़ने का प्रयास है. मंदिर परिसर में उत्साहित फैन्स और धोनी के बीच की यह अनोखी घटना ना केवल स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमी समुदाय के लिए भी प्रेरणादायक रही है.