भारत के पूर्व क्रिकेटर रोहन गावस्कर और मनोज तिवारी ने कहा कि लखनऊ सुपर जॉयंट्स को साहसिक फैसला लेते हुए ऋषभ पंत को कप्तानी से हटा देना चाहिए. दोनों विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तानी का दबाव पंत की बल्लेबाज़ी पर असर डाल रहा है. ये बयान तब सामने आया है जब सोमवार को लखनऊ की टीम मुंबई से हार गई.
पंत की कप्तानी में लखनऊ ने 23 मैचों में सिर्फ 8 जीत हासिल की हैं और आईपीएल 2026 की पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे हैं. एक बल्लेबाज़ के रूप में, बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने 9 मैचों में सिर्फ 204 रन बनाए हैं, उनका स्ट्राइक रेट 128.30 और औसत 25.50 रहा है.
क्रिकबज़ पर बात करते हुए, गावस्कर ने कहा कि एलएसजी को इस सीजन के बाद पंत को दबाव से बाहर निकालना चाहिए और उन्हें आईपीएल 2027 से सिर्फ बल्लेबाज़ी पर ध्यान देने देना चाहिए.
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गावस्कर ने कहा, संजीव गोयनका ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह चाहते हैं कि पंत एक विरासत बनाएं, 10–15 साल तक एलएसजी के लिए खेलें और ट्रॉफी जीतें. लेकिन कभी-कभी आपको कुछ खिलाड़ियों को दबाव से बाहर करना होता है. इस सीजन के बाद एलएसजी को तय करना होगा कि वे उन्हें कप्तान रखना चाहते हैं या नहीं. उन्हें सिर्फ बल्लेबाज़ी पर ध्यान देने देना चाहिए, क्योंकि हम उनकी क्षमता और प्रतिभा जानते हैं.
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मनोज तिवारी ने भी सहमति जताई और कहा कि कप्तानी का दबाव पंत की बल्लेबाज़ी को प्रभावित कर रहा है, इसलिए उन्हें एक शुद्ध बल्लेबाज़ के रूप में खिलाना चाहिए. गावस्कर और तिवारी की ये राय वसीम जाफर की बात से भी मेल खाती है, जिन्होंने एलएसजी को पंत की जगह एडेन मार्करम को कप्तान बनाने की सलाह दी थी. मुंबई से मिली हार के बाद लखनऊ की टीम इस सीजन में प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है.