आईपीएल 2026 में अभी तक (7 मई) की पॉइंट टेबल, टीमों का हाल, बल्लेबाज़ों और बॉलर्स का हाल देखिए हर जगह आपको एक ही पैटर्न नज़र आएगा. पैटर्न यही है कि जो भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है, बड़े नामों पर निर्भर है उसका बुरा हाल हो रहा है. आईपीएल में या यूं कहें कि टी-20 क्रिकेट में आगे फिट होने का फॉर्मूला सिर्फ यही है कि नाम नहीं परफॉर्मेंस देखिए.
IPL 2026 की पॉइंट्स टेबल और ब्रांड वैल्यू की हालिया रिपोर्ट्स यही कहानी कह रही हैं. जहां मुंबई और लखनऊ जैसी टीमें सुपरस्टार्स के भारी-भरकम बोझ तले दबी हैं, वहीं सनराइजर्स और पंजाब जैसी 'सिस्टम-ड्रिवन' टीमें टॉप पर राज कर रही हैं. तभी ये सवाल उठता है कि अब केवल 'चेहरों' से मैच जीतने का दौर बीत चुका है?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन ने क्रिकेट और बिजनेस के मेल को एक नई हकीकत से रूबरू कराया है. सालों से जिस 'सुपरस्टार कल्चर' को इस लीग की रीढ़ माना गया, वह 2026 के मैदानों पर लड़खड़ाता दिख रहा है. ताज़ा आंकड़े गवाह हैं कि करोड़ों की सैलरी और अरबों की ब्रांड वैल्यू मैदान पर जीत की गारंटी नहीं रह गई है.
IPL 2026 की पॉइंट्स टेबल (7 मई 2026 तक) देखेंगे तो विरोधाभास साफ दिखता है. मुंबई इंडियंस (MI) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) जैसी टीमें, जिनके पास सबसे महंगे सुपरस्टार्स की फौज है, टेबल में सबसे नीचे (9वें और 10वें स्थान पर) संघर्ष कर रही हैं.
दूसरी तरफ, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और पंजाब किंग्स (PBKS) जैसी टीमें टॉप पर हैं. इन टीमों की सफलता का राज किसी एक सुपरस्टार में नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के सही मिश्रण में है. इसके अलावा भी जिन टीमों को जीत मिल रही है, वहां ऐसे लड़के मैच जिता रहे हैं जो इतने बड़े सुपरस्टार नहीं हैं, जिनके नाम पर स्टेडियम और ब्रांड दोनों झोली भर दें.
अब फैन्स भले ही ये चिंता करे कि मेरी पसंद वाली टीम नहीं जीत रही है, या मेरा प्लेयर नहीं खेल रहा है. टीमें इस हिसाब से नहीं सोचती हैं, उनका फोकस जीत-हार पर होता है लेकिन सिर्फ इतना नहीं होता है. क्यूंकि बात मुनाफे की भी है, जब कोई ब्रांड आपके साथ जुड़ता है तो वो आपकी टीम में बड़े नाम देखता है, भले ही वो बड़ा नाम रन बनाए या ना बनाए. रन बनाए तो पैसा बंपर वसूल, ना बनाने पर भी आईबॉल तो मिल ही रही हैं.
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टीमों की मजबूरी हैं विजुअल स्टार्स
टीमों की कुछ मजबूरी ये भी है कि स्पॉन्सर्स आज भी उन टीमों के पीछे भागते हैं जिनके पास रोहित, विराट या धोनी जैसे 'विजुअल स्टार्स' हैं. जिनका मैदान या टीम में होना ही सबकुछ होता है. फ्रेंचाइजी को पता है कि अगर टीम में बड़ा चेहरा नहीं होगा, तो जर्सी स्पॉन्सरशिप और गेट-मनी (टिकटों की बिक्री) पर असर पड़ेगा. यही वजह है कि कई टीमें प्रदर्शन से ज्यादा 'मार्केटिंग' के लिए भारी-भरकम रकम खर्च कर रही हैं. इसी का परिणाम सबके सामने है कि मैदान पर खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू तो बढ़ रही है, लेकिन टीम की जीत का कॉलम खाली है.
इसी सीजन को देखेंगे तो कई नए ऐसे खिलाड़ी निकले हैं, जो अपनी टीम को ढो रहे हैं वो आने वाले सुपरस्टार हो सकते हैं लेकिन ऑक्शन की दुनिया में वो सिर्फ एक खरीदभर थे. वैभव सूर्यवंशी (1.10 करोड़), प्रियांश आर्य (3.80 करोड़), प्रभसिमरन सिंह (4 करोड़), अंशुल काम्बोज (3.40 करोड़), अभिषेक शर्मा (14 करोड़), कूपर कोनॉली (3 करोड़), ईशान मलिंगा (1.20 करोड़), प्रिंस यादव (30 लाख) जैसे नाम हैं, जो लगातार अपनी टीम के लिए परफॉर्म कर रहे हैं.
इसके अलावा कुछ नाम ऐसे भी बीच में आए, जिन्होंने अपनी टीम के लिए ऐन मौके पर मैच का रुख बदला. लेकिन जो खिलाड़ी 10 करोड़ी या फिर 20 से 25 करोड़ वाले हैं या जिनका बड़ा नाम है, शायद वो अपनी ही टीम के लिए बोझ बन रहे हैं क्यूंकि उनका एक बड़ा फोकस अपनी सैलरी को जस्टिफाई करने में भी जा रहा है. इसमें आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत का नाम टॉप पर है, लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ की कप्तानी में टीम पॉइंट टेबल में सबसे नीचे है, साथ ही खुद उनका प्रदर्शन भी ऐसा नहीं है कि वो किसी टी-20 टीम की प्लेइंग-11 का हिस्सा हो. ऋषभ ने अभी तक कुल रन बनाए हैं 204, स्ट्राइक रेट सिर्फ 128 का और कुल जमा छक्के हैं 7.
ऐसा ही हाल कोलकाता नाइट राइडर्स के कैमरुन ग्रीन का है, जिन्हें 25 करोड़ से ज्यादा रकम में खरीदा गया था. ग्रीन ने अभी तक 199 रन बनाए हैं, जिसमें एक ही फिफ्टी शामिल है. उनके नाम 3 विकेट भी हैं. लेकिन शायद केकेआर का मैनेजमेंट और खुद कैमरुन ग्रीन भी जानते हैं कि केकेआर ने उन्हें इतनी मोटी रकम सिर्फ इसलिए तो नहीं दी है. ऋषभ पंत और कैमरन ग्रीन इस लिस्ट में दो बड़े नाम हैं वरना ये लिस्ट काफी लंबी जाती है, निकोलस पूरन (21 करोड़), सूर्यकुमार यादव (16 करोड़), ट्रेंट बोल्ट (12.50 करोड़), ऋतुराज गायकवाड़ (18 करोड़), जसप्रीत बुमराह (18 करोड़) भी इस बार वो बड़े इंटरनेशनल नाम हैं, जो अपनी टीम के स्टार हैं लेकिन परफॉर्मेंस में काफी पीछे हैं.
🚨 Brand value of IPL teams in 2026.
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) March 18, 2026
Royal Challengers Bengaluru - $269M
Mumbai Indians - $242M
Chennai Super Kings - $235M
Kolkata Knight Riders - $222M
Sunrisers Hyderabad - $154M
Delhi Capitals - $152M
Rajasthan Royals - $146M
Gujarat Titans - $142M
Punjab Kings - $141M…
सिर्फ पैसा बोलता है
क्यूंकि फ्रेंचाइजियों के लिए सबक साफ है सिर्फ ब्रांड वैल्यू के लिए सुपरस्टार्स को साथ ले जाना अब जो़खिम भरा सौदा होता जा रहा है. आने वाले मेगा ऑक्शन में टीमें किसी एक प्लेयर पर 25 करोड़ लुटाने के बजाय, 5-5 करोड़ के 5 ऐसे 'स्मार्ट प्लेयर्स' की तलाश करेंगी जो डेटा और स्किल्स में फिट बैठें, लेकिन रेवेन्यू का खेल कहां फंसेगा, टीमें इसे भी ज़रूर सोचेंगी.
IPL 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जर्सी के पीछे लिखा नाम भले ही विज्ञापन दिला दे, लेकिन जर्सी के सामने बना 'लोगो' तब चमकता है जब टीम जीतती है. अगर बड़े नाम अपनी साख नहीं बचा पाए, तो ये नए लड़के उन्हें इतिहास के पन्नों में धकेलने के लिए तैयार हैं.
साबरी ब्रदर्स की एक शानदार कव्वाली है जो आईपीएल के इस हाल को बयां करती है, आप इसे भी सुन सकते हैं:
संसार में बाजे ढोल, ये दुनिया मेरी तरह है गोल
कि पैसा बोलता है!