Hardik Pandya injury in Asia Cup: टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने अपने दम पर ही भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ मैच जिताया. एशिया कप में खेला गया यह मैच भारत ने 5 विकेट से जीता. इसी दुबई के मैदान पर चार साल पहले (सितंबर 2018) एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ ही हार्दिक चोटिल हुए थे.
हार्दिक को पीठ में चोट आई थी और वह खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया था. अब पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीतने के बाद हार्दिक पंड्या ने इसी चोट और उस मैच को याद किया. उन्होंने अपनी वापसी के लिए भी दो लोगों को श्रेय दिया है.
'मुझे स्ट्रेचर पर ड्रेसिंग रूम ले जाया गया था'
हार्दिक ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, ‘इस जीत से मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण थी. एक टीम के रूप में हमें चुनौती दी गई थी. रवींद्र जडेजा ने जिस तरह से अच्छी बल्लेबाजी की उससे भी मैं खुश हूं.’
उन्होंने कहा, ‘मुझे वे सभी बातें याद आ रही थी जब मुझे स्ट्रेचर पर ड्रेसिंग रूम ले जाया गया था. ऐसी परिस्थितियों से गुजरने और आज मौका मिलने पर आपको यह उपलब्धि जैसी लगती है.’
पंड्या ने इन दो लोगों को दिया अपनी वापसी का पूरा श्रेय
हार्दिक ने अपनी सफल वापसी का श्रेय भारतीय टीम के पूर्व फिजियो और वर्तमान में बीसीसीआई खेल विज्ञान के प्रमुख नितिन पटेल और मौजूदा अनुकूलन कोच सोहम देसाई को दिया.
उन्होंने कहा, ‘यह सफर बहुत अच्छा रहा और हमें कड़ी मेहनत का फायदा मिल रहा है, लेकिन इस दौरान जिन्होंने भी मुझे फिट करने में भूमिका निभाई उनको कभी श्रेय नहीं मिला. मैं हमेशा उन व्यक्तियों को श्रेय देना चाहता हूं जो इसके हकदार हैं. मैंने जिस तरह से वापसी की उसका श्रेय मैं नितिन पटेल और सोहम देसाई को दूंगा.’
From 's emotional Asia Cup journey to 's solid batting display! 👍 👍
— BCCI (@BCCI)
The all-rounder duo chat up after win their opener against Pakistan - by
Full interview 🎥 🔽
'आखिरी ओवर में 15 रन बनाने के लिए भी तैयार था'
हार्दिक पाकिस्तान के खिलाफ मैच में एक बार में केवल एक ओवर के लिए ही रणनीति तैयार कर रहे थे और अगर भारत को जीत के लिए अंतिम ओवर में 7 की बजाय 15 रनों की जरूरत भी होती तो वह इसके लिए खुद को तैयार रखते.
पंड्या ने मैच के बाद कहा, 'इस तरह के लक्ष्य का पीछा करने में आपको प्रत्येक ओवर के लिए रणनीति तैयार करनी होती है. मुझे शुरू से पता था कि उनकी टीम में (जिनके ओवर बचे हैं उनमें) एक युवा गेंदबाज (नसीम या शाहनवाज दहानी) और बाएं हाथ का एक स्पिनर (मोहम्मद नवाज) है.'
उन्होंने कहा, 'हमें अंतिम ओवर में जीत के लिए केवल 7 रनों की दरकार थी, लेकिन अगर हमें 15 रन भी चाहिए होते तो मैं उसके लिए खुद को तैयार रखता. मैं जानता था कि 20वें ओवर में मेरी तुलना में गेंदबाज पर अधिक दबाव था. मैंने चीजों को सरल बनाए रखा.'