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Chandrakant Pandit: 'शाहरुख खान से मिला, लेकिन IPL में विदेशी कोच के अंडर काम नहीं करना चाहता', मध्य प्रदेश को रणजी जिताने वाले कोच चंद्रकांत पंडित का बयान

हेड कोच चंद्रकांत पंडित ने अपने नेतृत्व में मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता. ओवरऑल पंडित का बतौर कोच यह छठा रणजी खिताब रहा...

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Aditya Shrivastava and Chandrakant Pandit (Twitter) Aditya Shrivastava and Chandrakant Pandit (Twitter)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मध्य प्रदेश टीम ने पहली बार रणजी खिताब जीता
  • फाइनल में मुंबई टीम को 6 विकेट से शिकस्त दी

मध्य प्रदेश (MP) की क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा है. मध्य प्रदेश ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब पर कब्जा जमाया है. एमपी ने फाइनल में मुंबई को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी थी. मध्य प्रदेश को खिताब जिताने में हेड कोच चंद्रकांत पंडित का अहम रोल रहा है. इससे पहले एमपी की टीम 1999 के रणजी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी. तब चंद्रकांत पंडित इस टीम के कप्तान थे. इस बार उन्होंने बतौर कोच खिताब जिता दिया.

2012 सीजन में कोलकाता ने खिताब जीता था

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज चंद्रकांत पंडित ने एक पुराने किस्से का खुलासा किया है. हर व्यक्ति का सपना होता है कि अपनी नेशनल टीम और आईपीएल में किसी टीम की कोचिंग करे. इसी को लेकर चंद्रकांत पंडित ने बताया कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2012 सीजन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) टीम के मालिक शाहरुख खान से मुलाकात की थी. हालांकि चंद्रकांत किसी विदेशी कोच के अंदर में काम नहीं करना चाहते.

चंद्रकांत पंडित ने 2012 के एक वाकये को याद करते हुृए हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, 'मैं उस वक्त शाहरुख खान से मिला था. मगर मैं तब किसी भी हालत में खुद को किसी विदेशी कोच के तहत काम करने की स्थिति में नहीं ला सका.'

बता दें कि शाहरुख खान की टीम कोलकाता ने 2012 सीजन में पहली बार आईपीएल खिताब जीता था. तब टीम के हेड कोच पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर ट्रेवर बेलिस (Trevor Bayliss) थे.

यह खिताब मेरे लिए बेहद खास है: पंडित

60 साल के पंडित ने यह छठी बार रणजी ट्रॉफी उठाई है. इससे पहले उन्होंने तीन बार मुंबई और दो बार विदर्भ के लिए कोच रहते हुए खिताब जीता था. ऐसे में पंडित ने कहा, 'हर बार खिताब जीतकर अच्छा लगा, लेकिन इस बार यह पल कुछ खास रहा. मैं बतौर कप्तान रहते हुए यह मध्य प्रदेश टीम के लिए नहीं कर सका था. मैं इतने सालों से यही सोच रहा था कि मैंने यहां कुछ अधूरा छोड़ दिया है. यही वजह भी है कि इस बार मैं खिताब जीतकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित और भावुक हूं.'

 

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