आईपीएल में गेंद से मैच जिताने वाले कई खिलाड़ी आए, लेकिन कभी-कभी कोई गेंदबाज बल्ले से ऐसा वार कर देता है कि पूरी कहानी बदल जाती है. रायपुर में मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ ऐसा ही हुआ, जब जीत के लिए 3 गेंदों पर 9 रन चाहिए थे और स्ट्राइक पर शांत स्वभाव वाले भुवनेश्वर कुमार थे.
राज बावा ने वाइड यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन भुवनेश्वर ने उसे डीप कवर के ऊपर से सीधे छक्के के लिए भेज दिया. स्टेडियम गूंज उठा… और दो गेंद बाद तेजी से लिए गए दो रन ने RCB को जीत दिलाकर पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंचा दिया.
WHAT ON EARTH HAVE WE JUST WITNESSED! 🤯
— IndianPremierLeague (@IPL) May 10, 2026
Bhuvneshwar Kumar & Rasikh Dar, take a bow ❤️
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मजेदार बात ये रही कि मैच खत्म होने के बाद जब भुवी से पूछा गया कि उन्हें ज्यादा खुशी किस बात की है- 4 विकेट लेने की या उस छक्के की? तो उन्होंने बिना सोचे जवाब दिया- 'छक्का… क्योंकि विकेट तो मैं पहले भी ले चुका हूं, लेकिन इस शॉट का मजा अलग था.'
दरअसल, भुवनेश्वर ने मैच की पटकथा शुरुआत में ही लिख दी थी. रायपुर की दो-गति वाली पिच पर उन्होंने ऐसी स्विंग कराई कि मुंबई इंडियंस 3 ओवर में 28/3 पर पहुंच गई. पहले रयान रिकेल्टन को आउट किया, फिर नकल बॉल पर रोहित शर्मा को फंसाया और अगली ही गेंद पर सूर्यकुमार यादव को स्लिप में कैच करा दिया.
A gentle reminder that true greatness is built on discipline 🫡
— IndianPremierLeague (@IPL) May 10, 2026
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रोहित के विकेट पर भुवी ने दिलचस्प खुलासा भी किया. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि रोहित आगे निकलकर खेलने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि पहले भी ऐसा कर चुके हैं. यही सोचकर उन्होंने प्लान बनाया और दांव सीधा निशाने पर लगा.
इस सीजन में भुवनेश्वर सिर्फ विकेट नहीं ले रहे, बल्कि बल्लेबाजों की सांस भी रोक रहे हैं. उनके नाम अब 21 विकेट हो चुके हैं, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा हैं. पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक उनकी इकोनॉमी कमाल की रही है. खासकर डेथ ओवर्स में उनकी गेंदबाजी सबसे किफायती मानी जा रही है.
दिलचस्प बात ये है कि नवंबर 2022 के बाद से भुवनेश्वर टीम इंडिया से बाहर हैं, लेकिन उनके अंदर कोई शिकायत या ड्रामा नहीं दिखता. उन्होंने साफ कहा कि 'मोटिवेशन' उनके लिए ओवररेटेड शब्द है. उनका मानना है कि कुछ मिनट का मोटिवेशन जल्दी खत्म हो जाता है, असली चीज 'डिसिप्लिन' है.
भुवी ने बताया कि IPL के बाहर भी वे खुद को लगातार मैच प्रैक्टिस में रखते हैं. यूपी T20 लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी उन्हें लय में बनाए रखती है, जबकि बीच-बीच में मिलने वाला ब्रेक शरीर और दिमाग दोनों को रिचार्ज करता है.
अब हालात ऐसे हैं कि गेंद हाथ से शानदार निकल रही है, आत्मविश्वास चरम पर है और RCB मैनेजमेंट उन्हें पूरी आजादी दे रहा है. शायद यही वजह है कि कभी अपनी स्विंग से और कभी बल्ले से… भुवनेश्वर कुमार इस सीजन में हर मैच में नई कहानी लिख रहे हैं.