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BCCI Umpires: अंपायरिंग लेवल को ठीक करने में जुटी बीसीसीआई, उठाया ये बड़ा कदम

आईपीएल 2022 में भारतीय अंपायर्स अपने फैसलों को लेकर काफी सुर्खियों में रहे थे. देखा जाए तो केवल एक भारतीय अंपायर नितिन मेनन ही इस समय आईसीसी एलीट पैनल का हिस्सा हैं.

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BCCI (@Getty)
BCCI (@Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अंपायर्स के लिए ए-प्लस कैटेगरी का ऐलान
  • 10 अंपायर्स को मिली है इसमें जगह

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने अपने अंपायर्स के लिए एक नई कैटेगरी ए-प्लस बनाने का ऐलान किया है. इस ए-प्लस वर्ग में कुल 10 अंपायर्स को जगह मिली है. इंटरनेशनल अंपायर्स में नितिन मेनन, अनिल चौधरी, मदनगोपाल जयरमन, वीरेंद्र कुमार शर्मा और के एन अनंतपद्माभानन ए-प्लस वर्ग का हिस्सा बने हैं. वहीं रोहन पंडित, निखिल पटवर्धन, सदाशिव अय्यर, उल्हास गांधी और नवदीप सिंह सिद्धू भी ए-प्लस वर्ग का हिस्सा हैं.

सी. शम्सुद्दीन सहित 20 अंपायर ग्रुप-ए में हैं जबकि ग्रुप-बी में 60, ग्रुप-सी में 46 और ग्रुप डी में 11 अंपायरों को जगह मिली है. गुरूवार को शीर्ष परिषद बैठक में पूरी सूची रखी गई थी जिसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायरों के. हरिहरन, सुधीर असनानी और अमीष साहेबा एवं बीसीसीआई अंपायरों की उप-समिति के सदस्यों ने तैयार किया. ए-प्लस और ए वर्ग के अंपायरों को प्रथम श्रेणी मैच के लिये प्रत्येक दिन 40,000 रुपये, जबकि बी और सी वर्ग में प्रत्येक दिन 30,000 रुपये दिए जाते हैं.

पिछले सीजन के आधार पर बने हैं ग्रुप

इस मामले को लेकर बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, 'यह ग्रेडिंग नहीं है. इसमें ग्रुप बनाए गए हैं जिसमें ए-प्लस नया वर्ग है. ए-प्लस और ए को भारतीय अंपायरों की क्रीम कहा जा सकता है. बी और सी वर्ग में भी अच्छे अंपायर हैं. जब घरेलू टूर्नामेंट में जिम्मेदारी देने की बात की आएगी तो ग्रुप के हिसाब से तरजीह मिलेगी. 2021-2022 सत्र में प्रदर्शन की समीक्षा के बाद ग्रुप बनाए गए हैं.

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सवालों के घरे में रहते हैं भारतीय अंपायर्स

भारतीय अंपायरों के प्रदर्शन की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अक्सर आलोचना की जाती रही है. केवल एक भारतीय अंपायर मेनन ही आईसीसी एलीट पैनल का हिस्सा हैं. अधिकारी ने कहा, 'हम एलीट पैनल को ज्यादा ही तरजीह देते हैं. एलीट पैनल में केवल इंग्लैंड के तीन अंपायर हैं और ऑस्ट्रेलिया के दो अंपायर हैं.  सभी स्तर पर अंपायरिंग के मानक सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.'

 

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