वह 2008-09 के दौरान फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. जिसके बाद जनवरी 2010 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के दौरान साउथ अफ्रीका की टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया. हालांकि, उसी दिन उन्हें टीम में शामिल करने का यह फैसला भी बदल गया, जब यह पता चला कि वो साउथ अफ्रीका की नेशनल टीम में खेलने के पात्र नहीं हैं.