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धरती में गहरा छेद करके निकाली जाएगी ऊर्जा, ये है MIT के वैज्ञानिकों का प्रोजेक्ट

MIT के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप ने धरती में खुदाई शुरू करने की योजना बनाई है. वो 19.2 KM तक खनन करेंगे. उसके बाद धरती के अंदर से स्वच्छ तापीय ऊर्जा निकालेंगे, जिससे किसी तरह का प्रदूषण नहीं होगा. आइए समझते हैं कि ये कौन सा तरीका है?

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MIT और एक स्टार्टअप ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का बेड़ा उठाया है. (फोटोः गेटी) MIT और एक स्टार्टअप ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का बेड़ा उठाया है. (फोटोः गेटी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जमीन से निकलेगी भू-तापीय ऊर्जा
  • कहीं भी-कभी भी खनन संभव है

मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने स्टार्टअप क्वाइस (Quaise) के साथ मिलकर धरती के अंदर से स्वच्छ ऊर्जा निकालने की योजना बनाई है. दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक धरती के अंदर 19.2 किलोमीटर गहरी खुदाई करेंगे. फ्यूजन पावर तकनीक की बदौलत स्वच्छ ऊर्जा निकालेंगे. 

क्वाइस (Quaise) ने बताया है कि उन्होंने करीब 316 करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह सारा पैसा वो स्वच्छ ऊर्जा निकालने वाली छेदों को बनाने में करेंगे. कंपनी ने कहा कि अगर हमें जमीन की गर्मी मिलती है, तो इससे ऊर्जा जमा कर सकते हैं. इससे हमें असीमित और स्वच्छ भू-तापीय ऊर्जा मिलेगी. इससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा. 

धरती के अंदर मौजूद भू-ताप का लाभ उठाकर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है. (फोटोः गेटी)
धरती के अंदर मौजूद भू-ताप का लाभ उठाकर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है. (फोटोः गेटी)

भविष्य में हमें कार्बन मुक्त ऊर्जा की जरूरत होगी. क्वाइस की यह योजना हमारे ग्रह को शक्ति देने का काम करने के लिए सबसे बेहतर जरिया है. इन अल्ट्रा-डीप होल को खोदने के लिए फ्यूजन तकनीक का उपयोग करने से कई सारे लाभ मिल सकते हैं. हम पृथ्वी की भू-तापीय शक्ति का उपयोग कर सकेंगे. इस तरह की ड्रिलिंग दुनिया में कहीं भी हो सकती है. इस ऊर्जा का इस्तेमाल भी हो सकता है.

बेशक, इस तकनीक को आने में काफी समय है. इसे अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है.  क्वाइस 2024 में अपनी पहली मशीनों को लॉन्च करने के लिए तैयार है. यह मशीन अपना काम 2026 से शुरू कर देगी. (ये खबर इंटर्न आदर्श ने बनाई है.)

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