scorecardresearch
 

Climate Change: वक्त से पहले खिल रहे हैं क्योटो के Cherry Blossoms

जलवायु परिवर्तन हमारी प्रकृति पर किस तरह प्रभाव डाल रहा है, ये समय-समय पर पता चल रहा है. ग्लेशियर का पिघलना, समय से पहले जरूरत से ज्यादा गर्मी होना कुछ उदाहरण हैं. जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बसंत समय से पहले आ गया है और चेरी ब्लॉसम पहले खिल रहे हैं.

X
समय से पहले फूलों से महक रहा है क्योटो (Photo: Reuters) समय से पहले फूलों से महक रहा है क्योटो (Photo: Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जलवायु परिवर्तन बदल रहा है फूलों के खिलने का समय
  • 1 अप्रैल तक फूल पूरी तरह से खिल गए थे

जापान (Japan) का क्योटो (Kyoto) शहर अपने चेरी ब्लॉसम (Cherry Blossoms) के लिए मशहूर रहा है. हर साल, अप्रैल और मई के बीच, पेड़ पर फूल खिलने लगते हैं, जो दुनिया भर के दर्शकों को आकर्षित करते हैं. लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर इनपर भी पड़ने लगा है. 

यहां बसंत समय से पहले ही आ रहा है. IOP जर्नल एनवायर्नमेंटल रिसर्च लेटर्स (Environmental Research Letters) में प्रकाशित एक नए शोध के मुताबिक, क्योटो में चेरी ब्लॉसम जलवायु परिवर्तन के असर की वजह से अपने समय से 11 दिन पहले खिल रहे हैं. 

Kyoto Cherry Blossoms
 इस साल 1 अप्रैल तक फूल पूरी तरह से खिल गए (Photo: Pixabay)

पेपर के मुख्य लेखक और जलवायु वैज्ञानिक निकोस क्रिस्टिडिस (Nikos Christidis) का कहना है कि न केवल मानव जनित जलवायु परिवर्तन, बल्कि अर्बन वार्मिंग ने भी क्योटो में चेरी ब्लॉसम के फूल खिलने की तारीखों को प्रभावित किया है. फूलों का जल्दी खिलना जैसा कि 2021 में था, सदी में एक बार होता है. पिछले साल चेरी ब्लॉसम 26 मार्च को खिले थे, जो पिछले 1,000 सालों में पहली बार हुआ था. इस साल 1 अप्रैल तक फूल पूरी तरह से खिल गए.

निकोस क्रिस्टिडिस कहते हैं कि बसंत का संकेत देने वाले फूलों के पीछे एक ठोस विज्ञान है. चेरी ब्लॉसम तब तक नहीं खिलते जब तक तापमान लगातार कई दिनों तक इसके खिलने के लिए पर्याप्त गर्म न हो. आमतौर पर, क्योटो में यह तापमान मार्च से शुरू होता है, जब तापमान करीब 9-10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. मानव प्रभाव के बिना, यह 5-6 डिग्री तक होगा.

Kyoto Cherry Blossoms
जलवायु परिवर्तन बदल रहा है फूलों के खिलने का समय (Photo: Unsplash)

शोध से पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से चेरी ब्लॉसम की शुरुआत में करीब 6 दिनों का फर्क आया है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका कारण सिर्फ मानव जनित हो, जैसे-जैसे शहरों में औद्योगीकरण बढ़ता है और वे गर्म होते हैं. क्योटो के मामले में, तापमान की वजह से शहर के बाहर के चेरी ब्लॉसम पांच दिन पहले खिल रहे हैं. टीम ने क्योटो के केंद्र में और गांव के इलाके, दोनों के वेदर स्टेशन जाकर तापमान की तुलना की. 

 

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जारी रहता है, जैसा कि टीम ने पाया, तो कुल ये 11 दिन (जलवायु परिवर्तन से 6 और शहरीकरण से 5) करीब एक और सप्ताह तक बढ़ जाएंगे. साल 2100 तक इन फूलों का पहले खिलना कुछ सालों तक देखा जा सकता है. 

ये भी पढ़ें

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें