राजस्थान का किशनगढ़ मार्बल कचरे की वजह से अनोखे टूरिस्ट स्पॉट में बदल गया है. सफेद स्लरी के पहाड़ बर्फीली घाटी जैसे दिखते हैं, जहां लोग फोटोशूट करा रहे हैं. लेकिन इसके पीछे पर्यावरण का बड़ा खतरा छिपा है.
FSSAI ने पान मसाला की प्लास्टिक पैकिंग पर रोक लगा दी है. नए नियम लागू होने के बाद कंपनियों को अब पैकिंग का तरीका बदलना होगा.
अमेरिका और चीन जैसे देश पर्यावरण को सबसे ज्यादा प्रभावित करते रहे हैं. उन्होंने औद्योगिकीकरण के दौर में कठोर नियमों की परवाह कम की और आर्थिक शक्ति हासिल की. आज भी उनके कार्बन उत्सर्जन और संसाधन दोहन के आंकड़े हमसे कहीं ऊंचे हैं.
घोड़ा पछाड़ यानी धामन सांप (Ghoda Pachad Snake) के बारे में अक्सर लोग जहरीला होने का गलत अंदाजा लगाते हैं. इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि क्यों इसकी रफ्तार घोड़े जैसी है और घर में दिखने पर आपको क्या करना चाहिए.
सरकार ने सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर चल रही सभी अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. मंत्रालय ने साफ किया है कि इस ईंधन से न तो गाड़ियों के इंजन या माइलेज पर कोई बुरा असर पड़ता है और न ही बीमा या वारंटी रद्द होती है. सरकार ने पानी की बर्बादी और चींटियां लगने जैसे दावों को भी वैज्ञानिक रूप से गलत बताया है.
यूरोप में भीषण गर्मी के बीच ब्रिटेन में एयर कंडीशनर के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छिड़ गई है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ स्थानों पर भवन नियमों और नेट जीरो नीति के तहत एसी हटाने या सीमित उपयोग से जुड़े नोटिस जारी किए गए हैं. प्रशासन ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर दे रहा है, जबकि हीटवेव से जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
चिकन खाने के बाद बची हुई हड्डियों को कचरा समझने की भूल बिल्कुल न करें. ये हड्डियां आपकी सेहत चमकाने, पालतू जानवरों को ताकत देने और गार्डन के पौधों को हरा-भरा बनाने में जादुई असर दिखा सकती हैं.
पिछले एक दशक में विकास के नाम पर हिमालयी क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण, वनों की कटाई और ढीले नीतिगत फैसलों ने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है. भूस्खलन, बाढ़ और जल संकट इसके प्रमाण हैं.
9 मई के बाद कई हिस्सों में तापमान बढ़ने और लू की स्थिति बनने के संकेत हैं. मौसम विशेषज्ञ अल-नीनो के असर पर नजर रखे हुए हैं, जिसका प्रभाव गर्मी और मानसून दोनों पर पड़ सकता है.
जलवायु वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग और संभावित मजबूत अल-नीनो के कारण 2026 अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अब उड़ानों का इंतज़ार खत्म होने वाला है. 15 जून 2026 से यहां कमर्शियल उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जिससे दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत को एक नया हवाई हब मिलेगा. पहले फेज में यह एयरपोर्ट 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा, जिसे आगे चलकर 7 करोड़ तक ले जाने की योजना है.
AC से पानी न आना या अंदर टपकना खराबी का संकेत हो सकता है. ड्रेन पाइप जाम, गंदा फिल्टर, कम गैस या गलत इंस्टॉलेशन इसकी वजह बनते हैं. समय पर सफाई और सर्विस जरूरी है. समस्या दिखे तो तुरंत एसी बंद कर जांच कराएं, ताकि बड़ी खराबी और खर्च से बचा जा सके.
बाल्टिक सागर में द्वितीय विश्व युद्ध के 16 लाख टन पुराने बारूद सड़ रहा हैं. वैज्ञानिकों को लगा था कि यहां कोई जीवन नहीं होगा, लेकिन ROV कैमरे ने हैरान कर दिया. केकड़े, मछलियां, स्टारफिश और एनिमोन इन जहरीले बमों और मिसाइलों पर आराम से रह रहे हैं. वैज्ञानिक इसे समुद्र का चेर्नोबिल कहते हैं.
दिल्ली-NCR में आई धूल भरी आंधी के पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, गर्म-ठंडी हवाओं की टक्कर और थार रेगिस्तान की धूल जिम्मेदार है. तेज हवाओं से विजिबिलिटी कम हुई और धुंध छाई. IMD के अनुसार यह प्री-मॉनसून पैटर्न है, जिस पर क्लाइमेट चेंज का असर भी बढ़ता दिख रहा है.
भारतीय हिमालयी क्षेत्र में 2021 से 2023 के बीच ट्री कवर में 2.27% की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, जंगलों में कार्बन स्टॉक में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जो पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत है. केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में इस रिपोर्ट को साझा करते हुए चिंता जताई है.
मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं. उनके इस पोस्ट के बाद शहर की खराब हवा और प्रशासन की तैयारी को लेकर बहस छिड़ गई है.
सुप्रीम कोर्ट में इतिहास का एक पन्ना पलट गया है. अदालत ने 40 साल पुराने ऐतिहासिक एम. सी. मेहता केस को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है. हालांकि, दिल्ली-NCR के प्रदूषण पर जंग जारी रहेगी, जिसके लिए कोर्ट ने अब स्वतः संज्ञान लेते हुए एक नया मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.
दक्षिणी दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के पास स्थित सुंदर नर्सरी ऐतिहासिक विरासत और हरियाली का अनोखा संगम है. 90 एकड़ में फैला यह हेरिटेज पार्क सुकून, बायोडायवर्सिटी और प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा ठिकाना है.
CEEW की रिपोर्ट के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 34 लाख नौकरियां, ग्रीन हाइड्रोजन में 6 लाख से अधिक स्किल्ड जॉब्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में 10 मिलियन डायरेक्ट रोजगार बन सकते हैं. यह सेक्टर न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है बल्कि आने वाले दशक का बड़ा रोजगार इंजन भी है.
दिल्ली में हर रोज़ क़रीब 40 टन बायोमेडिकल वेस्ट प्रोड्यूस होता है, जो आए दिन बढ़ रहा है. सरकार ने मौजूदा दो प्लांट्स का दबाव कम करने के लिए 46 TPD क्षमता वाली नई CBWTFs स्थापित करने की योजना बनाई है.
दिल्ली सरकार 'असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी' की नीली झील को राजधानी की पहली रामसर साइट बनाने की तैयारी में है. इससे वेटलैंड संरक्षण, बायोडायवर्सिटी और जलवायु सहनशीलता को मजबूती मिलने की उम्मीद है.