पिछले एक दशक में विकास के नाम पर हिमालयी क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण, वनों की कटाई और ढीले नीतिगत फैसलों ने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है. भूस्खलन, बाढ़ और जल संकट इसके प्रमाण हैं.
9 मई के बाद कई हिस्सों में तापमान बढ़ने और लू की स्थिति बनने के संकेत हैं. मौसम विशेषज्ञ अल-नीनो के असर पर नजर रखे हुए हैं, जिसका प्रभाव गर्मी और मानसून दोनों पर पड़ सकता है.
जलवायु वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग और संभावित मजबूत अल-नीनो के कारण 2026 अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अब उड़ानों का इंतज़ार खत्म होने वाला है. 15 जून 2026 से यहां कमर्शियल उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जिससे दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत को एक नया हवाई हब मिलेगा. पहले फेज में यह एयरपोर्ट 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा, जिसे आगे चलकर 7 करोड़ तक ले जाने की योजना है.
AC से पानी न आना या अंदर टपकना खराबी का संकेत हो सकता है. ड्रेन पाइप जाम, गंदा फिल्टर, कम गैस या गलत इंस्टॉलेशन इसकी वजह बनते हैं. समय पर सफाई और सर्विस जरूरी है. समस्या दिखे तो तुरंत एसी बंद कर जांच कराएं, ताकि बड़ी खराबी और खर्च से बचा जा सके.
बाल्टिक सागर में द्वितीय विश्व युद्ध के 16 लाख टन पुराने बारूद सड़ रहा हैं. वैज्ञानिकों को लगा था कि यहां कोई जीवन नहीं होगा, लेकिन ROV कैमरे ने हैरान कर दिया. केकड़े, मछलियां, स्टारफिश और एनिमोन इन जहरीले बमों और मिसाइलों पर आराम से रह रहे हैं. वैज्ञानिक इसे समुद्र का चेर्नोबिल कहते हैं.
दिल्ली-NCR में आई धूल भरी आंधी के पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, गर्म-ठंडी हवाओं की टक्कर और थार रेगिस्तान की धूल जिम्मेदार है. तेज हवाओं से विजिबिलिटी कम हुई और धुंध छाई. IMD के अनुसार यह प्री-मॉनसून पैटर्न है, जिस पर क्लाइमेट चेंज का असर भी बढ़ता दिख रहा है.
भारतीय हिमालयी क्षेत्र में 2021 से 2023 के बीच ट्री कवर में 2.27% की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, जंगलों में कार्बन स्टॉक में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जो पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत है. केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में इस रिपोर्ट को साझा करते हुए चिंता जताई है.
मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं. उनके इस पोस्ट के बाद शहर की खराब हवा और प्रशासन की तैयारी को लेकर बहस छिड़ गई है.
सुप्रीम कोर्ट में इतिहास का एक पन्ना पलट गया है. अदालत ने 40 साल पुराने ऐतिहासिक एम. सी. मेहता केस को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है. हालांकि, दिल्ली-NCR के प्रदूषण पर जंग जारी रहेगी, जिसके लिए कोर्ट ने अब स्वतः संज्ञान लेते हुए एक नया मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.
दक्षिणी दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के पास स्थित सुंदर नर्सरी ऐतिहासिक विरासत और हरियाली का अनोखा संगम है. 90 एकड़ में फैला यह हेरिटेज पार्क सुकून, बायोडायवर्सिटी और प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा ठिकाना है.
CEEW की रिपोर्ट के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 34 लाख नौकरियां, ग्रीन हाइड्रोजन में 6 लाख से अधिक स्किल्ड जॉब्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में 10 मिलियन डायरेक्ट रोजगार बन सकते हैं. यह सेक्टर न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है बल्कि आने वाले दशक का बड़ा रोजगार इंजन भी है.
दिल्ली में हर रोज़ क़रीब 40 टन बायोमेडिकल वेस्ट प्रोड्यूस होता है, जो आए दिन बढ़ रहा है. सरकार ने मौजूदा दो प्लांट्स का दबाव कम करने के लिए 46 TPD क्षमता वाली नई CBWTFs स्थापित करने की योजना बनाई है.
दिल्ली सरकार 'असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी' की नीली झील को राजधानी की पहली रामसर साइट बनाने की तैयारी में है. इससे वेटलैंड संरक्षण, बायोडायवर्सिटी और जलवायु सहनशीलता को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
देश के अलग-अलग शहरों में एयर क्वालिटी सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने सड़क की धूल को कंट्रोल करने पर भारी भरकम बजट खर्च किया है. NCAP के तहत 103 शहरों में PM10 स्तर घटा है, जबकि 22 शहर राष्ट्रीय मानक के अंदर आ गए हैं.
दिल्ली में रविवार को हुई बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह 9 बजे AQI 150 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है. पिछले दिनों प्रदूषण स्तर ज्यादा था, लेकिन बारिश के कारण हवा साफ हुई है.
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वैश्विक फाइनेंसिंग 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जिसमें निजी और सार्वजनिक दोनों स्रोत शामिल हैं. वहीं, प्रकृति संरक्षण के लिए खर्च केवल 220 अरब डॉलर रहा. भारत में चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे भारी जनहानि और आर्थिक नुकसान हो रहा है.
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने आबकारी नीति में बदलाव किया है, जिसके तहत अब शराब कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी. हालांकि पर्यावरणविदों ने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई है.
घूमने का शौक रखने वालों के लिए अब 'सस्टेनेबल ट्रैवल' कोई कठिन काम नहीं, बल्कि एक स्मार्ट नजरिया है. जानें वो आसान ट्रैवल हैक्स, जो आपके सफर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के साथ-साथ आपकी जेब पर भी बोझ कम करेंगे और आपको एक सुकून भरा अनुभव देंगे.
सिर्फ अरावली ही नहीं... सरकार, कोर्ट, वैज्ञानिकों और लोगों के पास चुनौतियों की पर्वतमाला खड़ी है. कई सवाल हैं, जिनके उत्तर चाहिए. कितनी ऊंचाई सही होनी चाहिए जहां तक खनन वैध हो. कितना इलाका बफर जोन में हो और कौन सा हिस्सा इकोसेंसिटिन जोन में होना चाहिए. ऐसे ही कई सवालों के जवाब हमने लिए एक्सपर्ट से...
Aravalli hills को लेकर mining rules और नई definition पर विवाद तेज. Govt, court और experts के सामने buffer zone, eco-sensitive zone और illegal mining को लेकर बड़ी चुनौतियां.