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शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था भगवान राम का जन्म, जानें विवाह की तिथि

5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होना है. इसे लेकर अयोध्या में जोरशोर से तैयारी जारी है. भूमि पूजन से पहले पीएम मोदी हनुमान गढ़ी पहुंचेंगे और यहां हनुमानजी के दर्शन करेंगे.

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अभिजित मुहूर्त में हुआ था श्रीराम का जन्म
अभिजित मुहूर्त में हुआ था श्रीराम का जन्म

5 अगस्त को अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी. पीएम मोदी के स्वागत और राम मंदिर भूमि पूजन के लिए अयोध्या पूरी तरह सज चुकी है. पूरे अयोध्या का माहौल भक्तिमय हो चुका है. अयोध्या में भजन-कीर्तन जारी हैं और संतों का डेरा भी लग चुका है. इस मौके पर जानते हैं प्रभु श्रीराम के जन्म, राज्याभिषेक से लेकर विवाह तिथि के बारे में.

प्रभु श्रीराम की जन्म तिथि

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक मालवीय के अनुसार, भगवान राम का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अभिजित मुहूर्त में हुआ था. चैत्र नवरात्र की इस अंतिम तिथि को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है. जबकि प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक विजय मुहूर्त में विजयदशमी पर हुआ था.

भगवान राम और माता सीता की विवाह तिथि

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भगवान श्रीराम और सीता माता का विवाह मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था. इसे हिंदू धर्मशास्त्रों में विवाह पंचमी भी कहा जाता है.

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अभिजीत मुहूर्त में होगी पूजा

भगवान श्री राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था. इसलिए राममंदिर का भूमि पूजन भी अभिजीत मुहूर्त में सर्वार्थ सिद्धि योग में किया जाएगा. पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास लगभग 40 किलो चांदी की ईंट श्रीराम शिला को समर्पित करेंगे. पीएम नरेन्द्र मोदी इस शिला का पूजन कर इसे स्थापित करेंगे.

क्या होता है अभिजीत मुहूर्त?

अभिजीत मुहूर्त प्रत्येक दिन मध्यान्ह से करीब 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर मध्यान्ह के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता है. अभिजीत मुहूर्त का वास्तविक समय सूर्योदय के अनुसार परिवर्तित होता रहता है. इस मुहूर्त में किए जाने वाले सभी कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है. इस मुहूर्त को आठवां मुहूर्त भी कहा जाता है.

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