रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके मंगल की कामना करती हैं. भाई भी अपनी बहन को रक्षा का वचन देता है. साथ ही बहन को कुछ उपहार भी देता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है. लेकिन इस बार राखी के पर्व पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. रक्षाबंधन पर भद्रा का साया 19 अगस्त रात 02.21 बजे से आज दोपहर 01.30 बजे तक रहेगा. शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में भाई को राखी बांधना वर्जित है. भद्रा का साया टलने के बाद राखी दोपहर 1:30 बजे के बाद ही बांधी जा सकेगी.
रक्षाबंधन पर बहन भाई को राखी बांधने से पहले थाली सजाती है. उसके बाद भाई की आरती उतारती है और टीका भी करती हैं. राखी की थाली को बहुत शुभ माना जाता है. इसलिए चलिए जानते हैं कि रक्षाबंधन की थाली में क्या-क्या होना चाहिए.
राखी की थाली की जरूरी सामग्री
राखी की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, नारियल, फूल, राखी, घी का दीपक और मिठाई आवश्यक होना चाहिए. इन चीजों से पूजा करना अच्छा माना जाता है. पूजा की थाली में रोली से स्वास्तिक या अष्ट लक्ष्मी का चिन्ह बनाना शुभ होता है. उस थाली में लाल रंग का कपड़ा बिछा कर फिर पूजन सामग्री को रखें.
जानें कैसे बांधे भाई को राखी
सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक करें. फिर अक्षत लगाकर भाई को राखी बांधे. उसके बाद भाई की आरती उतारें. उसके बाद अपने हाथों से भाई को मिठाई खिलाएं.
राखी बांधते वक्त करें इस मंत्र का जाप
भाई को राखी बांधते वक्त बहन को इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए, " येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचल." इस मंत्र के साथ राखी बांधने से यह भाई के लिए कवच की भांति काम करता है.