तांबा हमारे जीवन में प्रयोग होने वाली एक मुख्य धातु है. ताम्बे को औषधीय धातु माना जाता है. यह विद्युत् का सुचालक है और अग्नि तत्व से भरपूर है. यह ज्योतिष में मंगल और सूर्य से सम्बन्ध रखता है. यह शरीर के पित्त और वात को नियंत्रित करता है. ताम्बे का प्रयोग पूजा आदि कार्यों में खूब होता है.
किस प्रकार से ताम्बे का असर हमारे शरीर और ग्रहों पर पड़ता है?
- ताम्बे के प्रयोग से शरीर शुद्ध होता है
- इसके साथ ही साथ शरीर से सारा विष बाहर निकल जाता है
- यह मंगल को मजबूत करके रक्त को ठीक करता है
- साथ ही यह सूर्य को मजबूत करके उत्साह में वृद्धि कर देता है
- यह पाचन तंत्र को काफी अच्छा कर देता है
- पेट की समस्याओं से निजात दिलाता है
कैसे करें तांबे का प्रयोग?
- ताम्बे का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करें
- इससे सूर्य और चन्द्रमा दोनों मजबूत होते हैं
- आत्मविश्वास, साहस और स्वास्थ्य अच्छा होता जाता है
- ताम्बे को कमर में भी पहन सकते हैं
- इससे नाभि और हार्मोन्स की समस्या में सुधार होता है
- ताम्बे का सिक्का गले में धारण करने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है
- ताम्बे के पात्र का पानी पीने से शरीर विषमुक्त होता है
- पेट सम्बन्धी समस्याओं से मुक्ति मिलती है
ताम्बे के प्रयोग की सावधानियां क्या हैं?
- ताम्बा जितना शुद्ध हो उतना ही अच्छा होगा
- ताम्बे के साथ सोना मिश्रित करके पहनना और भी अच्छा होता है
- अगर ताम्बे के बर्तन प्रयोग करते हैं तो नियमित उनकी सफाई करते रहें
- जिन लोगो को क्रोध की समस्या है, उन्हें सोच समझकर ताम्बा पहनना चाहिए
- मेष, सिंह और धनु राशि के लिए ताम्बा हमेशा शुभ होता है
- वृष, कन्या और मकर राशि के लिए ताम्बा बहुत अनुकूल नहीं होता
- बाकी राशियों के लिए ताम्बा साधारण होता है.